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एक नई सोच, एक नई धारा

मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: भारत में LPG संकट के बीच गुरुग्राम में खुला उत्तर भारत का पहला ‘गैस ATM’

​गुरुग्राम/जशेदपुर: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध की भीषण आग अब भारतीय रसोई तक पहुंच गई है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है, जिसका सीधा असर भारत की गैस आपूर्ति पर पड़ा है। लेकिन इस संकट के बीच गुरुग्राम से एक राहत भरी खबर सामने आई है।

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​सप्लाई चेन टूटी, बढ़ी किल्लत

​भारत अपनी जरूरत की लगभग 60% LPG विदेशों से आयात करता है। युद्ध के कारण शिपमेंट्स में देरी हो रही है और पैनिक बुकिंग की वजह से गैस की भारी किल्लत पैदा हो गई है। इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए BPCL ने गुरुग्राम के सोहना (सेक्टर 22) में उत्तर भारत का पहला ऑटोमैटिक LPG ATM शुरू किया है।

​अब नहीं चलेगी गैस एजेंसियों की मनमानी

​सप्लाई क्राइसिस के इस दौर में उपभोक्ताओं को अक्सर गैस एजेंसियों की लेटलतीफी और मनमानी का सामना करना पड़ता है। यह ATM उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है जो बुकिंग के बाद लंबे इंतजार से परेशान हैं। अब ग्राहक बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे मशीन से सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।

​कैसे काम करता है यह ‘गैस ATM’?

​संकट के समय में यह मशीन बिना किसी देरी के 3 आसान स्टेप्स में काम करती है:

  1. ​वेरिफिकेशन: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफिकेशन करें।
  2. ​डिजिटल पेमेंट: मशीन पर दिए गए QR कोड को स्कैन कर भुगतान करें।
  3. ​तुरंत डिलीवरी: पेमेंट सफल होते ही भरा हुआ सिलेंडर आपके सामने होगा।

​भारी और पुराने सिलेंडरों से मिलेगी मुक्ति

​इस ATM के जरिए आधुनिक कंपोजिट सिलेंडर दिए जा रहे हैं, जो पुराने लोहे के सिलेंडरों के मुकाबले कहीं अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हैं:

  • ​हल्का वजन: 30 किलो के भारी सिलेंडरों के बजाय ये मात्र 15 किलो के हैं।
  • ​पारदर्शी डिजाइन: आप बाहर से ही देख सकते हैं कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है, जिससे चोरी या कम गैस मिलने का डर खत्म हो जाता है।
  • ​जंग मुक्त और सुरक्षित: ये सिलेंडर जंग नहीं खाते और इनके फटने का खतरा भी शून्य है।

​24 घंटे सेवा: रात में गैस खत्म होने का डर खत्म

​युद्ध के कारण मचे पैनिक के बीच सबसे बड़ी राहत इसकी 24×7 उपलब्धता है। यदि रात के समय भी आपकी गैस खत्म हो जाए, तो आपको एजेंसी खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मशीन में स्टॉक कम होते ही यह सीधे संबंधित एजेंसी को अलर्ट भेजती है, जिससे रिफिलिंग की प्रक्रिया भी तेज रहती है।

​रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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