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एक नई सोच, एक नई धारा

बिहार में महा-सियासी खेल: नीतीश ने भरा राज्यसभा का पर्चा, राबड़ी बोलीं- ‘बिहार न छोड़ें नीतीश, BJP रच रही साजिश’

​पटना | तीसरी धारा न्यूज

​बिहार की राजनीति उस मोड़ पर आ खड़ी हुई है जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक असंभव थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है, जिससे उनका दिल्ली जाना अब लगभग तय माना जा रहा है। लेकिन इस फैसले ने बिहार में ‘सियासी हमदर्दी’ और ‘साजिश’ की एक नई बहस छेड़ दी है। सबसे चौंकाने वाला बयान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की ओर से आया है, जिन्होंने नीतीश कुमार को बिहार में ही रुकने की सलाह दी है।

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​राबड़ी देवी का बड़ा दावा: ‘नीतीश को हटाने की BJP की साजिश’

​शनिवार को पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए राबड़ी देवी ने भाजपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए। राबड़ी देवी ने दावा किया कि:

  • ​भाजपा, नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजकर मुख्यमंत्री की कुर्सी हथियाना चाहती है।
  • ​यह नीतीश कुमार को राज्य की राजनीति से बेदखल करने की एक सोची-समझी ‘साजिश’ है।

​अजीत शर्मा का हमला: ‘जनादेश के साथ धोखा’

​कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजीत शर्मा ने भी इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि 2025 के चुनाव में जनता ने नीतीश कुमार के नाम पर वोट दिया था। कार्यकाल के बीच में मुख्यमंत्री की भूमिका छोड़ना जनता के भरोसे को तोड़ना है। उन्होंने नीतीश कुमार से अपील की कि वे भाजपा का साथ छोड़कर फिर से महागठबंधन में शामिल हों, ताकि ‘इंडिया ब्लॉक’ के तहत नई सरकार बन सके।

​नीतीश के गांव में मायूसी, JDU में खलबली

​नीतीश कुमार के इस फैसले का असर उनके पैतृक गांव में भी दिख रहा है। गांव के लोग इस खबर से मायूस हैं और पूछ रहे हैं कि “नीतीश बाबू बिहार क्यों छोड़ रहे हैं?” वहीं, चर्चा यह भी है कि नीतीश कुमार अपनी विरासत अपने बेटे निशांत को सौंपने की तैयारी में हैं, लेकिन जेडीयू (JDU) के अंदर और बाहर उनके लिए चुनौतियां कम नहीं हैं।

​क्या बिहार को मिलेगा भाजपा का मुख्यमंत्री?

​नीतीश के पर्चा भरने के साथ ही भाजपा खेमे में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में भाजपा नेतृत्व अब बिहार के अगले मुख्यमंत्री के चेहरे पर विचार कर रहा है। अगर नीतीश केंद्र की राजनीति में जाते हैं, तो बिहार में भाजपा का अपना मुख्यमंत्री बनने का दशकों पुराना सपना पूरा हो सकता है।

​ब्यूरो रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

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