Site icon

क्या करें ऐसे मामलों में किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत सतर्क रहें व्यक्तिगत या संस्थागत जानकारी साझा न करें तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं

cats 183

रांची: झारखंड में स्वास्थ्य योजनाओं के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं। ताजा मामला राजधानी रांची का है, जहाँ आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े अस्पतालों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी (JSAS) ने राज्य के सभी अस्पतालों और आम नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।1002518072

फर्जी ‘नोडल अधिकारी’ बनकर डराने का खेल

​घटनाक्रम के अनुसार, रांची स्थित मुंधड़ा हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि वरुण मुंधड़ा को 25 मार्च की सुबह एक संदिग्ध कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपनी पहचान अजय अग्रवाल के रूप में दी और खुद को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का नोडल अधिकारी बताया।

​ठग ने अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए दावा किया कि उनके खिलाफ 256 पन्नों की एक भारी-भरकम शिकायत दर्ज है और जल्द ही एक जांच टीम अस्पताल पहुंचने वाली है। इसके बाद, मामले को रफा-दफा करने और शिकायत की कॉपी उपलब्ध कराने के बदले में मोटी रकम की मांग की गई।

अस्पताल की सतर्कता से टली ठगी

​अस्पताल प्रबंधन ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत इस कॉल की सत्यता की जांच की। कॉल संदिग्ध लगने पर उन्होंने इसकी जानकारी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को ईमेल के जरिए दी। कंपनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जांच के लिए आरोग्य सोसाइटी को भेज दिया है, जहाँ अब इस ठग गिरोह की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सरकार ने जारी की एडवाइजरी

​आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संबद्ध अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विभाग का कोई भी अधिकारी इस तरह से फोन पर पैसों की मांग या डराने का काम नहीं करता है।

क्या करें यदि आए ऐसा कॉल?

  • ​किसी भी अज्ञात नंबर से आए कॉल पर अपनी संस्थागत या वित्तीय जानकारी साझा न करें।
  • ​यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर डराने या ‘सेटलमेंट’ की बात करे, तो तुरंत इसकी सूचना विभाग को दें।
  • ​ऐसे मामलों की शिकायत तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में दर्ज कराएं।

 

Exit mobile version