सरायकेला-खरसावां/आदित्यपुर:
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 28 के निवासियों के लिए 21 जुलाई की शाम एक ऐतिहासिक और राहत भरी सौगात लेकर आई। जिंदल कंपनी द्वारा संचालित घर-घर पेयजल आपूर्ति योजना के तहत की जा रही टेस्टिंग के दौरान जैसे ही शाम 4 बजे नलों से पानी की धार फूटी, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई।
रोड नंबर 31 और 32 के लगभग हर घर तक पानी पहुँचा। हालांकि शुरुआती चरण में पानी कुछ मिट्टी युक्त था, लेकिन दशकों से पानी के गंभीर संकट से जूझ रहे स्थानीय लोगों के चेहरे पर नल से गिरता पानी देखकर अपार उत्साह और संतोष साफ नजर आया।
”50 साल का संकट खत्म हुआ”: अधिवक्ता ओम प्रकाश ने साझा किए पुराने दिन
वार्ड नंबर 31 के वरिष्ठ निवासी एवं अधिवक्ता ओम प्रकाश ने 57 वर्षों के अपने अनुभवों को साझा करते हुए आदित्यपुर के जल संकट के दर्दनाक दौर को याद किया:
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- शुरुआती दौर का संघर्ष: पहले पीएचईडी (PHED) द्वारा दिन में तीन बार केवल आधे-आधे घंटे के लिए पानी दिया जाता था। लोग पानी खींचने के लिए नलों के नीचे गड्ढे खोदकर बाल्टी से पानी भरते थे। धीरे-धीरे यह आपूर्ति घटकर दिन में एक बार पर सिमट गई।
- जन-आक्रोश और मुकदमे: आपूर्ति ठप होने पर हजारों की भीड़ पीएचईडी कार्यालय या सीतारामपुर फिल्टर प्लांट पर प्रदर्शन करने पहुँच जाती थी। कई बार इंजीनियरों को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ता था और मामले मुकदमों तक पहुँच जाते थे।
- पाताल पहुँच चुका भूजल: 1983-84 में यूनिसेफ के सहयोग से जो चापाकल लगे थे, तब 70-80 फीट पर पानी मिल जाता था। आज अंधाधुंध बोरिंग के कारण भूजल स्तर 600-700 फीट से भी नीचे चला गया है।
”50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों ने पानी की असली किल्लत और दर्द झेला है। आज नल से पानी गिरता देख हर कोई बेहद खुश है। अब हम सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि इस जल का दुरुपयोग न करें और इसे सड़कों पर व्यर्थ न बहने दें।”
— ओम प्रकाश, अधिवक्ता (स्थानीय निवासी)
डीसी ने दिया 31 जुलाई 2026 का लक्ष्य, जिंदल कंपनी युद्धस्तर पर जुटी
जिंदल परिवार के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि आदित्यपुर-2 क्षेत्र के लगभग सभी वार्डों में जलापूर्ति की टेस्टिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
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- क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत: गेल (GAIL) द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने के क्रम में कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है, जिसकी मरम्मत के लिए तकनीकी टीम दिन-रात काम कर रही है।
- डेडलाइन पर जोर: सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त (DC) श्री नीतीश कुमार द्वारा योजना को पूरी तरह सुचारू करने के लिए 31 जुलाई 2026 की समय-सीमा तय की गई है।
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कंपनी के प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा दिए गए इस लक्ष्य को तय समय के भीतर पूरा करने के लिए उनकी टीम जी-जान से जुटी हुई है, ताकि जल्द ही पूरे आदित्यपुर को नियमित और स्वच्छ पेयजल मिल सके।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
