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गढ़वा में रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसा: 19 उपद्रवी गिरफ्तार, रमकंडा थाना प्रभारी लाइन हाजिर

गढ़वा/झारखंड:

झारखंड के गढ़वा जिले में रामनवमी के पावन अवसर पर निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। गुरुवार रात हुई इस घटना में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को बल प्रयोग और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में रमकंडा थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।

विवाद की जड़ और घटनाक्रम

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामनवमी की अष्टमी के अवसर पर कौआखोह स्थित शिव चबूतरा के पास से जब जुलूस गुजर रहा था, तभी दूसरे पक्ष द्वारा विरोध किए जाने के बाद तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ।

​उल्लेखनीय है कि इलाके में तनाव की सुगबुगाहट एक दिन पहले ही महावीर पताका लगाने को लेकर हुए विवाद से शुरू हो गई थी, जिसके विरोध में गुरुवार सुबह करीब छह घंटे तक सड़क जाम भी रहा था। इसी तनावपूर्ण पृष्ठभूमि के बीच रात में हिंसा भड़क उठी।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 19 गिरफ्तार, वाहन और मोबाइल जब्त

​घटना के बाद पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल और गढ़वा एसपी अमन कुमार ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 19 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।

वर्तमान स्थिति और सुरक्षा इंतजाम

​हिंसा के बाद सुरक्षा के मद्देनजर जुलूस को बीच रास्ते से ही वापस लौटा दिया गया। फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपद्रवियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए छापेमारी जारी है।

​प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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