कोवाली/पोटका: पोटका प्रखंड के कोवाली पंचायत अंतर्गत कोवाली गांव में बनने वाले नए उप स्वास्थ्य केंद्र के प्रस्तावित स्थल को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। अंचल अधिकारी (CO) द्वारा चिह्नित की गई भूमि को अनुपयुक्त बताते हुए ग्रामीणों ने शनिवार को चिकित्सा पदाधिकारी और सीओ को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों की मांग है कि नया भवन पुराने केंद्र के पास ही बनाया जाए।
श्मशान और नदी के निकट स्थल पर आपत्ति
ग्रामीणों का कहना है कि अंचल अधिकारी द्वारा जिस भूमि का चयन किया गया है, उसके ठीक बगल में नदी और श्मशान घाट स्थित है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि:
- श्मशान के निकट स्वास्थ्य केंद्र होने से भविष्य में केंद्र पर जल संकट (Water Crisis) गहरा सकता है।
- भौगोलिक और सामाजिक दृष्टिकोण से यह स्थान मरीजों के लिए सुविधाजनक नहीं है।
- सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस स्थल चयन से पहले नियमतः ग्राम सभा का आयोजन भी नहीं किया गया।
पुराने केंद्र के पास निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उप स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन उस पुराने स्थान के निकट ही बनाया जाए जहाँ वर्तमान में केंद्र संचालित है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुराना स्थान ग्रामीणों की पहुंच में है और वहां किसी प्रकार की बाधा नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
अपनी मांगों को लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे। इसमें मुख्य रूप से सोनका महतो, देवेन महतो, सुरेखा कालिंदी, ममता कालिंदी, सुभाष कालिंदी, टिंकू कालिंदी, विजय कालिंदी, शकुंतला कालिंदी और सुष्मिता कालिंदी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
प्रशासनिक रुख
ग्रामीणों के विरोध के बाद अब यह देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और अंचल प्रशासन स्थल परिवर्तन पर क्या निर्णय लेता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिना ग्राम सभा की सहमति के श्मशान के पास निर्माण कार्य शुरू किया गया, तो वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे।
