तीसरी धारा न्यूज (डिजिटल डेस्क): झारखंड के रामगढ़ जिले से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोला थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान एक मछली व्यवसायी के बेटे के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है।
₹500 के विवाद में आर्थिक नुकसान और मारपीट का आरोप
जानकारी के अनुसार, गोला-मुरी रोड स्थित पूरबडीह फुटबॉल मैदान के समीप गोला थाना पुलिस द्वारा वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक मछली व्यवसायी के वाहन को पुलिसकर्मियों ने रोका।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि चेकिंग के नाम पर तैनात पुलिसकर्मियों ने ₹500 की अवैध मांग की। जब युवक ने इसका विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का कहना है कि वाहन में लाखों रुपये मूल्य की जीवित मछलियां लदी हुई थीं, जिन्हें समय पर तालाब तक पहुंचाना बेहद जरूरी था। लेकिन इस विवाद और जबरन गाड़ी रोके जाने के कारण वाहन काफी देर तक खड़ा रहा, जिससे व्यवसाय को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर लिया संज्ञान
जैसे ही इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल इस पर संज्ञान लेते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रामगढ़ पुलिस और झारखंड पुलिस को टैग किया।
मुख्यमंत्री ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी:
“इस प्रकार की घटनाएं किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन प्रभावी कदम उठाए।”
एसपी ने दिए जांच के आदेश, एसडीपीओ को सौंपी कमान
मामले की गंभीरता और मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रामगढ़ पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मुकेश कुमार लुणायत ने तत्काल पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। एसपी ने रामगढ़ एसडीपीओ आलोक रंजन को मामले की जिम्मेदारी सौंपते हुए जल्द से जल्द विस्तृत और निष्पक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही, जिले के सभी थाना प्रभारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वाहन जांच अभियान के दौरान आम जनता के साथ पूरी तरह से संवेदनशील, पारदर्शी और पेशेवर तरीके से पेश आएं।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
रामगढ़ एसपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री को अब तक की गई प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी साझा की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद तथ्यों के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय जनता और व्यवसायियों की नजर टिकी हुई है।
– ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज
