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को-ऑपरेटिव कॉलेज में ‘मागे मिलन’ की धूम: मांदर की थाप पर थिरके छात्र, कमल कुदादा और पर्वती हेम्ब्रम बने मिस्टर व मिस मागे

जमशेदपुर | रिपोर्टर

जमशेदपुर: लौहनगरी के जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज का प्रांगण रविवार को आदिवासी ‘हो’ समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का गवाह बना। छात्रावास परिवार की ओर से आयोजित ’13वाँ मागे मिलन समारोह-2026′ में कोल्हान की संस्कृति, परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में सजे सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने मांदर और नगाड़ों की धुन पर थिरक कर पूरे परिसर को सांस्कृतिक रंग में सराबोर कर दिया।

सांस्कृतिक पहचान ही समाज की नींव: डॉ. अमर सिंह

​समारोह के मुख्य अतिथि और कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “हमारी सांस्कृतिक पहचान ही समाज की असली नींव है। आधुनिकता के दौर में अपनी ‘हासा-भाषा’ (मिट्टी और भाषा) और जड़ों से जुड़े रहना ही सच्ची प्रगति है।”

​विशिष्ट अतिथि प्रो. संजीव कुमार बिरुली ने भी छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ अपनी विरासत को सहेजने और सामाजिक एकजुटता बनाए रखने का संदेश दिया।

मिस्टर और मिस मागे बने आकर्षण का केंद्र

​समारोह का सबसे रोचक हिस्सा ‘मिस्टर एवं मिस मागे’ प्रतियोगिता रही। पारंपरिक परिधानों में रैंप पर उतरे युवाओं ने अपनी संस्कृति के प्रति गर्व को प्रदर्शित किया।

देशाऊली में विधि-विधान से पूजा

​कार्यक्रम की शुरुआत छात्रावास के देशाऊली (पूजा स्थल) में मार्शल आल्डा, सुरजा पुरती, रोहित सिंकु और उनकी टीम द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई। शाम तक चलने वाले इस उत्सव में को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज, बी.एड. कॉलेज और को-ऑपरेटिव कॉलेज के सैकड़ों छात्र और शिक्षक शामिल हुए।

इनकी रही मुख्य उपस्थिति

​कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जितेंद्र सिंह, प्रो. आनंद कुमार, डॉ. संगीता बिरुवा, सार्जेंट मेजर रन्दो देवगम, थाना प्रभारी पाण्डु सामड और बुधन गागराई उपस्थित थे।

​आयोजन को सफल बनाने में छात्रावास अध्यक्ष मनोरंजन हेम्ब्रम, उपाध्यक्ष हरिनारायण होनहागा, जीतमोहन गोप, सचिव मंगीलाल बानरा, मीडिया प्रभारी उदेश सोरेन और छात्रावास अधीक्षक प्रो. फ्लोरेंस बेक का सराहनीय योगदान रहा।

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