Site icon

प्रशासनिक अनदेखी की भेंट चढ़ा दोमुंहानी छठ घाट: बदहाली के बीच अर्घ्य देने को मजबूर हुए श्रद्धालु

जमशेदपुर: लोक आस्था के महापर्व छठ के अवसर पर जहाँ शहर के अन्य क्षेत्रों में उत्सव का माहौल है, वहीं सोनारी स्थित दोमुंहानी घाट पर प्रशासन की भारी लापरवाही और नाकामी का एक अजब नजारा देखने को मिला। ‘तीसरी धारा न्यूज’ की पड़ताल में यह साफ हुआ कि महापर्व को लेकर जिला प्रशासन द्वारा किए गए बड़े-बड़े दावे धरातल पर पूरी तरह खोखले साबित हुए।IMG 20260324 174039

गंदगी के अंबार और अव्यवस्था के बीच छठ

​हैरानी की बात यह है कि छठ जैसे पवित्र त्योहार पर भी दोमुंहानी घाट की साफ-सफाई की सुध लेने वाला कोई नहीं था। घाट पर चारों ओर गंदगी और कचरे का अंबार लगा रहा, जिसके बीच से होकर छठ व्रतियों को नदी तक पहुंचना पड़ा। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने भारी रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के बावजूद यहाँ सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।

सुरक्षा के नाम पर ‘शून्य’: न रेस्क्यू टीम, न पार्किंग

​सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की लापरवाही डराने वाली रही। घाट पर किसी भी प्रकार की रेस्क्यू टीम या गोताखोरों की तैनाती नहीं देखी गई। गहरे पानी वाले इस संगम स्थल पर अगर कोई अप्रिय घटना घट जाती, तो उसका जिम्मेदार कौन होता? प्रशासन की यह चुप्पी किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसी है।

​इसके अलावा, यातायात और पार्किंग व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई रही। सही पार्किंग स्लॉट न होने के कारण सड़कों पर घंटों जाम लगा रहा, जिससे श्रद्धालुओं और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

तीसरी धारा न्यूज का सवाल

​सफाई, सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करना नगर निकाय और जिला प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए थी। क्या प्रशासन केवल कागजों पर ही तैयारी करता है? आज की इस बदहाली ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आस्था के इस महापर्व पर आम जनता की सुरक्षा और सुविधा की कोई अहमियत नहीं है?

Exit mobile version