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झारखंड में कोचिंग संस्थानों पर कसा शिकंजा: राज्यपाल ने ‘कोचिंग सेंटर विनियमन विधेयक-2025’ को दी मंजूरी

रांची: झारखंड के शिक्षा जगत में पारदर्शिता और अनुशासन लाने के लिए मंगलवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ‘झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक-2025’ को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही राज्य में अब कोचिंग सेंटरों के लिए पंजीकरण से लेकर फीस और सुरक्षा तक के कड़े नियम प्रभावी हो जाएंगे।

अनिवार्य पंजीकरण और त्रिस्तरीय ढांचा

​नए कानून के तहत, राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों को सरकारी वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर

​विधेयक में छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने के लिए क्रांतिकारी प्रावधान किए गए हैं:

भ्रामक विज्ञापनों और फीस पर लगाम

​अक्सर देखा जाता है कि कोचिंग संस्थान सफलता के गलत दावे कर छात्रों को लुभाते हैं, अब ऐसा करना भारी पड़ेगा:

उल्लंघन पर भारी जुर्माना और सजा

​नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के लिए दंड के कड़े प्रावधान हैं:

  1. पहली बार उल्लंघन: 5 लाख रुपये तक का जुर्माना।
  2. दूसरी बार उल्लंघन: 10 लाख रुपये तक का जुर्माना।
  3. तीसरी बार: पंजीकरण रद्द (Cancel) कर दिया जाएगा और संस्थान को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
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