जमशेदपुर: टाइगर क्लब के अध्यक्ष आजाद गिरी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है। जमशेदपुर में एक बयान जारी करते हुए उन्होंने इस बजट को जनता की अपेक्षाओं के विपरीत बताते हुए इसे आंकड़ों का मायाजाल करार दिया।
“जमीन पर कुछ नहीं, बस कागजी दावे”
आजाद गिरी ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने बड़े-बड़े आंकड़े तो पेश कर दिए हैं, लेकिन मध्यम वर्ग और गरीबों के लिए इसमें कुछ भी ठोस नहीं है। उनके अनुसार:
- रोजगार का अभाव: स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के कोई स्पष्ट अवसर या प्रावधान नजर नहीं आ रहे।
- महंगाई की मार: आम जनता महंगाई से त्रस्त है, लेकिन बजट में इसे कम करने की कोई दिशा नहीं दिखी।
- धुंधली घोषणाएं: शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में की गई घोषणाओं का लाभ आम जनता तक कैसे पहुंचेगा, इस पर सरकार मौन है।
सरकार से मांगा जवाब: बढ़ता कर्ज और आर्थिक स्थिति
आजाद गिरी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए राज्य की आर्थिक सेहत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
”सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य पर बढ़ते कर्ज और बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर उनकी क्या नीति है। ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के दावों के बीच गांवों की बुनियादी सुविधाओं की हालत आज भी चिंताजनक बनी हुई है।”
वित्तीय टकराव और पारदर्शिता की मांग
टाइगर क्लब के अध्यक्ष ने केंद्र और राज्य के बीच चल रहे वित्तीय टकराव पर भी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता अब राजनीतिक बयानबाजी से ऊब चुकी है और उन्हें केवल ठोस विकास और पारदर्शिता चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बजट के प्रावधानों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि ये केवल कागजी घोषणाएं बनकर न रह जाएं।
जमशेदपुर से ग्राउंड रिपोर्ट
तीसरी धारा न्यूज के लिए
