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तीसरी धारा न्यूज: सत्ता के गलियारे से

बिहार विधानसभा में ‘अपनों’ के ही निशाने पर नीतीश सरकार: जिवेश मिश्रा ने अफसरों को घेरा, मैथिली ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री के जवाब को दी चुनौती

पटना | ब्यूरो रिपोर्ट

बिहार विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष की लड़ाई के बजाय ‘अपनों’ के ही तीखे सवालों का गवाह बना। अमूमन विपक्ष के हमलों का जवाब देने वाली भाजपा-जदयू गठबंधन सरकार उस वक्त असहज हो गई, जब भाजपा के ही वरिष्ठ और युवा विधायकों ने अफसरों की कार्यशैली और जमीनी हकीकत को लेकर सदन में अपनी ही सरकार को आईना दिखाया।

“अफसरों का लारा-लप्पा खेल नहीं चलेगा”: जिवेश मिश्रा

​जाले विधानसभा से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री जिवेश कुमार मिश्रा ने गृह विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली पर जमकर भड़ास निकाली।

मैथिली ठाकुर ने विभागीय रिपोर्ट को किया खारिज

​अलीनगर से भाजपा की सबसे युवा विधायक और प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने सदन में अपनी बेबाक शैली से सबका ध्यान खींचा। उन्होंने अपने क्षेत्र के अस्पताल की बदहाली का मुद्दा उठाया और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा दिए गए लिखित जवाब को गलत करार दिया।

सदन में हुई बहस के मुख्य बिंदु:

  1. जर्जर भवन: स्वास्थ्य विभाग के लिखित जवाब में कहा गया था कि अस्पताल का भवन जर्जर नहीं है, बल्कि सिर्फ मरम्मत की जरूरत है। मैथिली ने इसे सिरे से खारिज करते हुए भवन की वास्तविक स्थिति को अत्यंत दयनीय बताया।
  2. डॉक्टरों का टोटा: उन्होंने खुलासा किया कि जिस अस्पताल में पहले दो एमबीबीएस (MBBS) डॉक्टर तैनात थे, वह अब केवल एक आयुष चिकित्सक के भरोसे चल रहा है।
  3. मांग: मैथिली ठाकुर ने क्षेत्र की जनता की पीड़ा को स्वर देते हुए तत्काल एमबीबीएस डॉक्टरों की बहाली और नए भवन की मांग रखी।
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