पटमदा: 200 बच्चों पर सिर्फ एक गुरुजी! कमलपुर मध्य विद्यालय में फूटा अभिभावकों का गुस्सा, तालाबंदी की चेतावनी
पटमदा | संवाददाता
एक तरफ सरकार ‘शिक्षा के अधिकार’ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर पटमदा प्रखंड के कमलपुर मध्य विद्यालय की हकीकत सिस्टम की पोल खोल रही है। 200 से अधिक छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ से नाराज अभिभावकों ने सोमवार को विद्यालय परिसर में जमकर प्रदर्शन किया।
एक शिक्षक के भरोसे 8 कक्षाएं: कैसे होगा भविष्य निर्माण?
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आदित्य गोराई के नेतृत्व में दर्जनों अभिभावक सोमवार सुबह 10 बजे विद्यालय पहुंचे। अभिभावकों का कहना है कि 200 से अधिक बच्चों के लिए मात्र एक शिक्षक उपलब्ध है। ऐसे में न तो पढ़ाई हो पा रही है और न ही विद्यालय का प्रशासनिक कार्य सही ढंग से चल रहा है।
मुखिया की पहल और प्रशासन का आश्वासन
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय मुखिया जामिनी बेसरा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को फोन लगाया।
- डीएसई से संपर्क नहीं: हालांकि डीएसई से सीधा संपर्क नहीं हो सका, लेकिन उनके प्रधान सहायक से दूरभाष पर बात हुई।
- एक सप्ताह की मोहलत: प्रधान सहायक ने मुखिया को आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह के भीतर विद्यालय में नए शिक्षकों की पदस्थापना (Posting) कर दी जाएगी।
ग्रामीणों का अल्टीमेटम: “अगले मंगलवार से होगा उग्र आंदोलन”
मुखिया के समझाने-बुझाने के बाद अभिभावक शांत तो हुए, लेकिन उन्होंने साफ चेतावनी दी है:
”यदि अगले सोमवार तक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती है, तो मंगलवार से ग्रामीण और अभिभावक सड़कों पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।”
तीसरी धारा की ग्राउंड रिपोर्ट
कमलपुर मध्य विद्यालय की यह स्थिति जिले के कई अन्य ग्रामीण स्कूलों की भी कहानी है। भारी छात्र संख्या के बावजूद शिक्षकों की कमी से मिड-डे मील से लेकर पठन-पाठन तक सब कुछ ठप पड़ा है। अब देखना यह है कि प्रशासन अपना वादा निभाता है या ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ेगा।
