Site icon

तीसरी धारा न्यूज एक्सक्लूसिव: करोड़ों का अस्पताल, पर मरीजों को नसीब नहीं दो घूंट पानी; शौचालय का पानी पीने को मजबूर बेबस लोग

जमशेदपुर: लौहनगरी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, एमजीएम (MGM) की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो मानवता को शर्मसार कर देने वाली है। करोड़ों की लागत से बने इस अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का इस कदर अभाव है कि यहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को प्यास बुझाने के लिए शौचालय (बाथरूम) के बेसिन का सहारा लेना पड़ रहा है।got mgm jamshedpur v0 8mqzs0ru4fkf1

शौचालय के पानी से बुझ रही प्यास

​अस्पताल के वार्डों में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीज और उनके तीमारदार बाथरूम की टोंटियों से पानी भरने को मजबूर हैं।

बाहर जाने पर पाबंदी, अंदर इंतजाम नहीं

​अस्पताल प्रशासन ने पिछले दिनों हुई घटनाओं (मरीजों के गायब होने और परिसर में शव मिलने) के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी है। होमगार्ड के जवान मरीजों को अकेले बाहर नहीं जाने दे रहे हैं।

गरीब मरीजों की जेब पर डाका

​सोनारी की रहने वाली सोनिका और अन्य परिजनों ने बताया कि जिनके साथ कोई सहायक नहीं है, उनकी स्थिति और भी दयनीय है। गरीब मरीजों को मजबूरी में अपनी जेब से पैसे खर्च कर बाहर से पानी की बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं। करोड़ों की लागत वाले इस सरकारी संस्थान में साधारण फिल्टर या वाटर कूलर का न होना प्रशासन की बड़ी विफलता को दर्शाता है।

अधीक्षक की चुप्पी बरकरार

​इस गंभीर अव्यवस्था और मरीजों की जान से हो रहे खिलवाड़ के संबंध में जब अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कई बार फोन किए जाने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया। अधिकारियों की यह चुप्पी मरीजों की पीड़ा के प्रति उनकी संवेदनहीनता को उजागर करती है।

सुरक्षा के नाम पर केवल पहरा, सुविधाओं का टोटा

​14 मार्च को इमरजेंसी से गायब हुए मरीज का शव चार दिन पहले झाड़ियों में मिलना प्रशासन की लापरवाही का सबूत था। उसके बाद गश्त तो बढ़ा दी गई, लेकिन मरीजों की बुनियादी जरूरत ‘पानी’ की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

तीसरी धारा न्यूज (Teesri Dhaara News)आम जनता की आवाज, प्रशासन से तीखे सवाल।

Exit mobile version