रांची/देवघर | तीसरी धारा न्यूज: भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के खिलाफ झारखंड पुलिस मुख्यालय ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए सख्त कदम उठाया है। तीसरी धारा न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, देवघर जिले के जसीडीह थाना प्रभारी और एक एएसआई के खिलाफ गंभीर आरोपों के बाद विभागीय जांच (Departmental Inquiry) शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजीपी कार्यालय ने देवघर एसपी को भेजा पत्र
पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय की पीजी शाखा ने देवघर के पुलिस अधीक्षक (SP) को पत्र भेजकर इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने और विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला जसीडीह थाना क्षेत्र के कुंजीसार गांव निवासी अक्षय कुमार पांडेय की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने व्हाट्सएप के माध्यम से पुलिस मुख्यालय के जन शिकायत नोडल अधिकारी को अपनी व्यथा भेजी थी। शिकायत में जसीडीह थाना प्रभारी दीपक कुमार और एएसआई कौशलेन्द्र कुमार पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
- रिश्वत की मांग: अधिकारियों पर केस के निपटारे या अन्य लाभ के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है।
- पद का दुरुपयोग: शिकायतकर्ता को बेवजह परेशान करने और डराने-धमकाने की बात कही गई है।
- साक्ष्यों से छेड़छाड़: आरोप है कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूतों को नष्ट करने या उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना: शिकायत में दावा किया गया है कि पुलिसिया कार्रवाई के दौरान माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित गाइडलाइंस का पालन नहीं किया गया।
निष्पक्ष जांच के निर्देश
तीसरी धारा न्यूज के अनुसार, पुलिस मुख्यालय ने इस शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया है। देवघर एसपी को भेजे गए निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि आरोपों की गहन और निष्पक्ष जांच की जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। आम जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
