आदित्यपुर स्टेशन बनेगा ‘वर्ल्ड क्लास’: टाटानगर का बोझ होगा कम; एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव और लिफ्ट-एस्केलेटर को मिली हरी झंडी
आदित्यपुर | ब्यूरो रिपोर्ट
एशिया की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी आदित्यपुर के निवासियों और यहां काम करने वाले लाखों श्रमिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब लंबी दूरी की ट्रेनें पकड़ने के लिए उन्हें टाटानगर स्टेशन की भाग-दौड़ नहीं करनी होगी। मंगलवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (GM) अनिल कुमार मिश्रा के औचक निरीक्षण के बाद आदित्यपुर स्टेशन को एक ‘सैटेलाइट स्टेशन’ के रूप में विकसित करने की योजना पर मुहर लग गई है।
स्टेशन का कायाकल्प: मिलेगी हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं
निरीक्षण के दौरान जीएम मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्टेशन को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए। इसके तहत स्टेशन पर निम्नलिखित सुविधाएं विकसित की जाएंगी:
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ियां (एस्केलेटर) लगाई जाएंगी।
- सुरक्षा व्यवस्था: पूरे स्टेशन परिसर की निगरानी के लिए चप्पे-चप्पे पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
- नया फुट ओवर ब्रिज (FOB): यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक नया और चौड़ा फुट ओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव है।
- शेड और पेयजल: प्लेटफार्मों पर नए शेड और पर्याप्त पेयजल (डीप बोरिंग के माध्यम से) की व्यवस्था की जाएगी।
एक्सप्रेस ट्रेनों का होगा ठहराव: टाटानगर पर घटेगा दबाव
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आदित्यपुर स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की तैयारी पूरी कर ली गई है।
- लाभ: इससे आदित्यपुर और गम्हरिया के औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले लाखों यात्रियों को सुविधा होगी।
- ट्रेनों की लिस्ट: जल्द ही उन ट्रेनों की आधिकारिक सूची जारी की जाएगी जो यहाँ रुकेंगी। वर्तमान में स्वर्णरेखा एक्सप्रेस, आसनसोल एक्सप्रेस और हटिया-टाटा मेमू जैसी ट्रेनों को यहाँ से चलाने या ठहराव देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
सैटेलाइट हब के रूप में विकास
निरीक्षण के दौरान चक्रधरपुर रेल मंडल के DRM तरुण हुरिया भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि आदित्यपुर को टाटानगर के ‘सैटेलाइट टर्मिनल’ के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि मुख्य स्टेशन (टाटानगर) पर ट्रेनों और यात्रियों का बढ़ता दबाव कम किया जा सके। भविष्य में यहाँ से कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेनें भी शुरू हो सकती हैं।
