धालभूमगढ़ में ‘वित्तीय साक्षरता’ का महा-अभियान: कोकपरा नरसिंहगढ़ में ग्रामीणों को सिखाए गए डिजिटल बैंकिंग के गुर; धोखाधड़ी से बचने के मिले टिप्स
धालभूमगढ़ | संवाददाता
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्देशानुसार और अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) की अगुआई में मंगलवार को पूर्वी सिंहभूम के धालभूमगढ़ प्रखंड अंतर्गत कोकपरा नरसिंहगढ़ पंचायत में ‘प्रखंड स्तरीय वित्तीय साक्षरता शिविर (Block Level FLW) 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के प्रति जागरूकता फैलाना और लोगों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना रहा।
बैंकिंग दिग्गजों ने दी वित्तीय सुरक्षा की जानकारी
शिविर में बैंक ऑफ इंडिया, झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक (JRGB) और बंधन बैंक के शाखा प्रबंधकों सहित कई बैंकिंग विशेषज्ञों ने शिरकत की।
- महत्वपूर्ण सेवाएं: शिविर के दौरान ग्रामीणों का KYC/RE-KYC मौके पर ही किया गया।
- प्रमुख विषय: बचत के महत्व, विभिन्न ऋण योजनाओं, डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित उपयोग और केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
- धोखाधड़ी से बचाव: विशेषज्ञों ने साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए ‘सावधानी ही सुरक्षा’ का मंत्र दिया।
इन अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम को सफल बनाने में निम्नलिखित अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:
- बैंक ऑफ इंडिया: शाखा प्रबंधक राजन कुमार दास एवं नंदनी।
- झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक: शाखा प्रबंधक विवेक।
- CFL घाटशिला (साख फाउंडेशन): सीएफएल इंचार्ज हितेश्वर पॉल और प्रशिक्षक (ट्रेनर) सपना शीट।
- प्रशासनिक सहयोग: प्रखंड कृषि पदाधिकारी और विभिन्न बैंकों के बीसी (BC) सदस्य।
ग्रामीणों ने सराहा, और आयोजनों की मांग की
कार्यशाला में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने बताया कि डिजिटल दौर में इस तरह की जानकारी उनके लिए अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से केवाईसी (KYC) और ऋण प्रक्रिया को समझने में रुचि दिखाई और मांग की कि भविष्य में भी ऐसे शिविर पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाएं।
तीसरी धारा अलर्ट: वित्तीय सुरक्षा के 3 नियम
- कभी भी अपना OTP, PIN या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- बैंक कभी भी फोन पर आपसे व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगता।
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
