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टेक जगत में हड़कंप: मेटा और माइक्रोसॉफ्ट करेंगे 23,000 नौकरियों की कटौती, AI पर खर्च बना कारण

सिलिकॉन वैली/न्यूयॉर्क: दुनिया की दो सबसे बड़ी टेक दिग्गज कंपनियां, मेटा (Meta) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी और वर्कफोर्स पुनर्गठन की तैयारी में हैं। दोनों कंपनियों के ताजा फैसलों से कुल मिलाकर लगभग 23,000 नौकरियों पर सीधा असर पड़ने वाला है। इस कदम का मुख्य कारण आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे अरबों डॉलर के निवेश को संतुलित करना और ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है।n7097593691777039918917925b88dbac423f882a119ad9881693f9e398f4a878aff06442bd8363dd528163

मेटा: 8,000 कर्मचारियों की होगी छुट्टी, 6,000 पद रहेंगे खाली

​मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी) ने आंतरिक मेमो के जरिए सूचित किया है कि कंपनी अपने कुल वर्कफोर्स में 10 फीसदी की कटौती करेगी।

माइक्रोसॉफ्ट: 51 साल के इतिहास में पहली बार ‘वॉलेंटियर बायआउट’

​माइक्रोसॉफ्ट ने अपने अमेरिकी कर्मचारियों के लिए एक अनोखा ऑफर पेश किया है, जिसे ‘वॉलेंटियर बायआउट’ कहा जा रहा है। कंपनी के 51 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च का दबाव

​दोनों कंपनियां एआई सर्विसेज की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए डेटा सेंटर बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड तोड़ निवेश कर रही हैं। मेटा ने जहां एआई पार्टनर्स के साथ अरबों डॉलर की डील की है, वहीं माइक्रोसॉफ्ट ने जापान और ऑस्ट्रेलिया में नए एआई इन्वेस्टमेंट का ऐलान किया है। इस बढ़ते खर्च को मैनेज करने के लिए कंपनियां अब ‘कॉस्ट कटिंग’ (लागत कटौती) का सहारा ले रही हैं।

कर्मचारियों में तनाव का माहौल

​पिछले कुछ वर्षों में कई बार हुई छंटनी के बाद अब इन नई घोषणाओं ने टेक प्रोफेशनल्स के बीच तनाव पैदा कर दिया है। मेटा के रियलिटी लैब्स डिवीजन के बाद अब पूरी कंपनी में डर का माहौल है। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट के पुराने कर्मचारियों को अब यह तय करना होगा कि वे बायआउट ऑफर स्वीकार कर सम्मानजनक विदाई लें या कंपनी में बने रहें।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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