Site icon

मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट, संसद के मानसून सत्र से पहले आ सकती है बीजेपी की नई टीम

नई दिल्ली (तीसरी धारा न्यूज):

केंद्र सरकार के मंत्रिपरिषद (Union Cabinet) में जल्द ही एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की अटकलें बेहद तेज हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले कुछ बड़े और कड़े फैसले ले सकते हैं। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

​माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में आगामी चुनावों की रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए यह पूरा खाका तैयार किया जा रहा है।

​शाह-नवीन बैठक के बाद बढ़ी हलचल, नई टीम लगभग तैयार

​तीसरी धारा न्यूज को मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई टीम का ढांचा लगभग तैयार हो चुका है। कल रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बीच एक उच्च स्तरीय और लंबी बैठक हुई है। सूत्रों का कहना है कि यह फेरबदल पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में बीजेपी की नई टीम की घोषणा के साथ ही किया जाएगा।

​संभावना जताई जा रही है कि इस नई कैबिनेट में अमित शाह गुट के नेताओं को पहले के मुकाबले अधिक तवज्जो मिल सकती है।

​बदले जा सकते हैं कई मंत्रियों के विभाग

​इस संभावित फेरबदल में केवल नए चेहरों की एंट्री ही नहीं होगी, बल्कि कुछ मौजूदा दिग्गजों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। चर्चा है कि:

​क्या अमित शाह बनेंगे उप-प्रधानमंत्री?

​इस पूरे फेरबदल के बीच सबसे बड़ी चर्चा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका को लेकर हो रही है। राजनीतिक जानकारों का एक बड़ा वर्ग यह मान रहा है कि आगामी विस्तार में अमित शाह को देश का उप-प्रधानमंत्री (Deputy Prime Minister) बनाया जा सकता है।

जानकारों का मत: अमित शाह वर्तमान में भी सरकार, संगठन और प्रशासनिक स्तर पर नंबर दो की भूमिका में हैं और सभी बड़े फैसलों में उनकी अहम हिस्सेदारी रहती है। ऐसे में उप-प्रधानमंत्री का पद मिलने या न मिलने से उनके रसूख पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर उन्हें यह जिम्मेदारी मिलती है, तो इसे भविष्य के नेतृत्व (Future Leadership) को लेकर बीजेपी का एक बहुत बड़ा और स्पष्ट राजनीतिक संकेत माना जाएगा।

 

​फिलहाल, सबकी नजरें अब संभावित कैबिनेट विस्तार, नए चेहरों की एंट्री और मंत्रियों के विभागों के अंतिम बंटवारे पर टिकी हुई हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज

Exit mobile version