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जमशेदपुर: टाटा चिड़ियाघर में गूंजेगी नए शेरों की दहाड़, हैदराबाद से पहुंची ‘मनोहर और श्रीदेवी’ की जोड़ी

जमशेदपुर (बिष्टुपुर):

लौहनगरी के पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक शानदार खबर है। टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (Tata Zoo) के पशु कुनबे में एक नया और गौरवशाली आकर्षण जुड़ गया है। हैदराबाद के नेहरू जूलॉजिकल पार्क से अफ्रीकी शेरों की एक युवा जोड़ी, ‘मनोहर’ (नर) और ‘श्रीदेवी’ (मादा), सुरक्षित रूप से जमशेदपुर पहुँच चुकी है।

पशु आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत हुआ ट्रांसफर

​यह महत्वपूर्ण बदलाव सेंट्रल जू ऑथोरिटी (CZA) द्वारा स्वीकृत पशु आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत हुआ है। इसके बदले जमशेदपुर से दो नर मैनड्रिल बंदरों को हैदराबाद भेजा गया है।

एक सप्ताह का सफर और कड़ी सुरक्षा

​पशुओं के सुरक्षित परिवहन के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए वाहनों की एक टीम 11 फरवरी को हैदराबाद रवाना हुई थी। विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में सभी स्वास्थ्य औपचारिकताओं को पूरा करते हुए, यह टीम 16 फरवरी 2026 की आधी रात को शेरों को लेकर वापस लौटी।

40 दिनों का होगा ‘क्वारंटीन’

​चिड़ियाघर के प्रोटोकॉल के अनुसार, मनोहर और श्रीदेवी को सीधे दर्शकों के सामने नहीं लाया जाएगा। उन्हें 40 दिनों की अनिवार्य क्वारंटीन अवधि में रखा गया है। इस दौरान:

  1. ​विशेषज्ञ पशु चिकित्सक उनके स्वास्थ्य और खान-पान की निगरानी करेंगे।
  2. ​नए वातावरण में सामंजस्य स्थापित करने (Acclimatization) में उनकी मदद की जाएगी।
  3. ​क्वारंटीन सफल रहने के बाद ही उन्हें मुख्य बाड़े (Enclosure) में छोड़ा जाएगा।

युवा जोश से बढ़ेगी चिड़ियाघर की रौनक

​वर्तमान में चिड़ियाघर में तीन अफ्रीकी शेर—जंबो, एड और जोया हैं, जिनकी उम्र लगभग 14.5 वर्ष हो चुकी है। ये शेर 2012 में यहाँ लाए गए थे। अब मनोहर और श्रीदेवी के आगमन से पार्क के पास एक युवा और आनुवंशिक रूप से सशक्त शेरों की आबादी होगी, जो दर्शकों के अनुभव को और भी रोमांचक बना देगी।

पार्क प्रबंधन का बयान: “इन नए सदस्यों का स्वागत करते हुए हमें गर्व है। यह न केवल दर्शकों के लिए आकर्षण बढ़ाएगा, बल्कि हमारे संरक्षण और प्रजनन प्रयासों (Conservation Breeding) की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।”

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