मुरहू/खूंटी: रामनवमी शोभा यात्रा के दौरान शुक्रवार शाम शुरू हुआ मामूली विवाद शनिवार को उग्र रूप ले लिया। मुरहू में दो समुदायों के बीच उत्पन्न तनाव के बाद जमकर पथराव हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से बीएनएस की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी है।
विवाद के बाद पथराव और अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार को अचानक स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते मुख्य सड़कें सूनी हो गईं और स्थानीय दुकानदारों ने सुरक्षा के लिहाज से अपनी दुकानें बंद कर दीं। इस दौरान कुछ लोगों ने हवाई फायरिंग की आवाज सुनने का भी दावा किया है, हालांकि प्रशासन ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
भारी पुलिस बल तैनात, वज्र वाहन और RAF अलर्ट पर
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वर्तमान में स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। मौके पर:
- दंगा नियंत्रण वाहन (वज्र) और वाटर कैनन मुस्तैद हैं।
- रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की क्यूआरटी टीम और अश्रु गैस के गोलों के साथ पुरुष एवं महिला पुलिस बल तैनात है।
- तोरपा, सायको, खूंटी, मारंगहादा और तपकरा थानों से अतिरिक्त बल बुलाकर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाली कमान
अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) दीपेश कुमारी और एसडीपीओ वरुण रजक स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इनके साथ मुख्यालय डीएसपी अखिल नीतीश कुजूर, मुरहू अंचल अधिकारी और कई थानों के प्रभारी कैंप कर रहे हैं। साउंड सिस्टम के जरिए लोगों को समूह में एकत्रित न होने और क्षेत्र खाली करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई: SDM
मामले की जानकारी देते हुए एसडीएम दीपेश कुमारी ने बताया:
”फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि जुलूस के दौरान पत्थर लगने की आशंका से विवाद शुरू हुआ था। पत्थर कहां से आए, इसकी जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के प्रबुद्ध लोगों से संवाद स्थापित किया जा रहा है।
