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शिक्षकों का दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन: जंतर-मंतर पर उमड़ा देश भर के गुरुजनों का हुजूम, सरकार से आर-पार की लड़ाई का एलान

नई दिल्ली | 05 फरवरी 2026

देश के भविष्य निर्माता कहे जाने वाले शिक्षकों ने आज अपनी मांगों को लेकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन किया। ‘ऑल इंडिया जॉइंट एक्शन कमेटी ऑफ टीचर्स ऑर्गनाइजेशन’ के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में ऑल इंडिया आइडियल टीचर्स एसोसिएशन (AITA) ने अग्रणी भूमिका निभाते हुए पूरे जोश के साथ अपनी आवाज बुलंद की।

कन्याकुमारी से कश्मीर तक, एक सुर में गूंजी मांगें

​कड़ाके की ठंड और लंबी यात्राओं की परवाह किए बिना देश के कोने-कोने से शिक्षक इस आंदोलन में शामिल होने पहुंचे। तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, राजस्थान, झारखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और ओडिशा समेत दर्जनों राज्यों के हजारों शिक्षकों ने एक मंच पर आकर सरकार के खिलाफ एकजुटता दिखाई।

नेताओं और सांसदों का मिला भारी समर्थन

​इस विरोध प्रदर्शन की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्यसभा और लोकसभा के कई माननीय सांसदों, विधायकों (MLA) और विधान परिषद सदस्यों (MLC) ने जंतर-मंतर पहुंचकर शिक्षकों की मांगों का समर्थन किया। राजनीतिक दिग्गजों ने शिक्षकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का आश्वासन दिया।

“हम राष्ट्र के निर्माता हैं, उपेक्षा बंद करे सरकार”

​AITA के केंद्रीय सचिव एवं इश्यू एड्रेसिंग सेल के कार्यकारी अध्यक्ष, जनाब खालिद इक़बाल साहब ने पूरी टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा:

​”शिक्षक केवल टीम बिल्डिंग का कार्य नहीं करते, बल्कि राष्ट्र का निर्माण करते हैं। आने वाली पीढ़ी का भविष्य हमारे हाथों में है। हमारी मांगें जायज हैं और सरकार को हमारी उपेक्षा बंद कर जल्द से जल्द समाधान निकालना होगा।”

सफल आयोजन के पीछे की कड़ी मेहनत

​AITA के राष्ट्रीय अध्यक्ष जनाब अब्दुल रहीम साहब, मुख्तार कोतवाल साहब और सैयद अहमद साहब के नेतृत्व में पूरी टीम पिछले एक महीने से इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जुटी हुई थी। उत्तर प्रदेश से सजादुल्लाह, रिज़वान अहमद, मोहम्मद सलीम, नोबल हसन, नज़ीर जैसे साथियों ने आंदोलन को धार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

AITA का आभार और संकल्प

​कार्यक्रम के अंत में खालिद इक़बाल साहब ने दूर-दराज से आए सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि AITA का ‘इश्यू एड्रेसिंग सेल’ तब तक चैन से नहीं बैठेगा, जब तक शिक्षकों को उनके अधिकार नहीं मिल जाते। इतनी ठंड में शिक्षकों की यह उपस्थिति सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अब और इंतजार संभव नहीं है।

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