नासिक/मुंबई: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक कार्यालय में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के सनसनीखेज मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहली तीखी प्रतिक्रिया आई है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को “बेहद चिंताजनक” बताते हुए साफ किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा और इसकी जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद ली जाएगी।
मुख्यमंत्री की चेतावनी: ‘यह एक बड़ा मॉड्यूल हो सकता है’
मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि सरकार इस मामले की जड़ तक जाएगी। उन्होंने कहा:
”हम इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेंगे। किसी को भी राजनीतिक या अन्य सुरक्षा नहीं मिलेगी। हमने केंद्रीय एजेंसियों से इस मामले की बारीकी से जांच करने का आग्रह किया है क्योंकि हमें आशंका है कि यह किसी बड़े संगठित मॉड्यूल से जुड़ा हो सकता है।”
पुलिस को ‘संगठित गिरोह’ होने का शक
नासिक पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए सात पुरुष आरोपी एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे थे और महिला कर्मचारियों को निशाना बना रहे थे। पुलिस ने अब तक इस मामले में रजा रफीक मेमन और शफी बिखान शेख सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
HR प्रमुख की भूमिका पर उठे सवाल
नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने खुलासा किया कि गिरफ्तार की गई यूनिट की ऑपरेशन और एचआर प्रमुख ने पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने से रोका था।
- विवादास्पद बयान: जांच में पता चला है कि एचआर प्रमुख ने पीड़िता से कहा था कि “ऐसी चीजें (उत्पीड़न) होती रहती हैं,” जिससे आरोपियों का मनोबल बढ़ा।
- कार्रवाई: पुलिस ने दो महिला आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की है, जिनमें से एक फिलहाल फरार है।
गंभीर आरोप: मानसिक-यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। अब तक 8 महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई है। उनके मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
- यौन और मानसिक उत्पीड़न: वरिष्ठ सहकर्मियों द्वारा लंबे समय से महिलाओं का शोषण किया जा रहा था।
- जबरन धर्म परिवर्तन: पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया।
- प्रबंधन की लापरवाही: एचआर विभाग ने शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की।
आरोपियों की सूची
पुलिस द्वारा पहचाने गए मुख्य आरोपी पुरुषों में दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और शाहरुख शेख शामिल हैं।
यह मामला अब केवल एक कॉर्पोरेट विवाद न रहकर राष्ट्रीय सुरक्षा और संगठित अपराध के नजरिए से देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद जांच में और तेजी आने की उम्मीद है।
तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट
