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महादानवीर भामाशाह की 426वीं पुण्यतिथि: तैलिक साहू महासभा ने ‘गौरव दिवस’ के रूप में दी श्रद्धांजलि

जमशेदपुर: सोमवार को साकची (एमजीएम) स्थित भामाशाह गोलचक्कर पर अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा की ओर से महादानवीर भामाशाह की 426वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। समाज के लोगों ने इस दिन को ‘गौरव दिवस’ के रूप में मनाते हुए उनकी प्रतिमा व तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

जल्द लगेगी भव्य प्रतिमा: राकेश साहू

​जिलाध्यक्ष राकेश साहू के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के गौरवशाली इतिहास को याद किया गया। इस मौके पर राकेश साहू ने घोषणा की कि महासभा जल्द ही इस गोलचक्कर पर महादानवीर भामाशाह की एक भव्य प्रतिमा स्थापित करने का कार्य शुरू करेगी।

​उन्होंने भामाशाह जी के बलिदान को याद करते हुए कहा, “जब महाराणा प्रताप मुगलों के विरुद्ध संघर्ष कर रहे थे और उन्हें आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी, तब उनके मित्र भामाशाह ने अपना पूरा खजाना मातृभूमि की रक्षा के लिए खोल दिया था। उनके इसी त्याग के कारण उन्हें ‘दानवीर’ की उपाधि मिली और आज पूरा देश उन्हें गर्व से याद करता है।”

ये रहे उपस्थित

​कार्यक्रम को सफल बनाने में महासभा के कई प्रमुख सदस्यों का योगदान रहा। मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्य मौजूद थे:

भामाशाह के बारे में संक्षिप्त जानकारी:

महादानवीर भामाशाह अपनी उदारता के लिए विश्व विख्यात हैं। उन्होंने मेवाड़ के अस्तित्व की रक्षा के लिए अपनी समस्त निजी संपत्ति महाराणा प्रताप को सौंप दी थी, जिससे 25,000 सैनिकों का खर्च 12 वर्षों तक उठाया जा सका।

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