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हैरान कर देने वाला मामला: एआई ने ट्रेडर को रात 3 बजे जगाया, चंद घंटों में 11 लाख के निवेश को बनाया 40 लाख

न्यूयॉर्क/राँची: वित्तीय बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने विशेषज्ञों को भी अचंभे में डाल दिया है. अमेरिका के एक ट्रेडर ने दावा किया है कि उसके पूरी तरह स्वायत्त एआई एजेंट (Autonomous AI Agent) ने उसे तड़के 3:47 बजे जगाकर एक बड़े निवेश की मंजूरी मांगी, और फिर चंद घंटों में ही लाखों का मुनाफा कमा कर दे दिया.

कैसे हुआ यह करिश्मा? टाइमज़ोन आर्बिट्राज का खेल

​ट्रेडर के अनुसार, अनुमति मिलने के बाद इस एआई बॉट ने महज कुछ घंटों के भीतर 12,000 डॉलर (लगभग 11.11 लाख रुपये) के शुरुआती निवेश को 43,800 डॉलर (लगभग 40.55 लाख रुपये) में बदल दिया. इस भारी-भरकम मुनाफे के पीछे एआई की ‘टाइमज़ोन आर्बिट्राज’ (Timezone Arbitrage) तकनीक का हाथ था.

​दरअसल, यह एआई एजेंट लगातार एशियाई और यूरोपीय बाजारों से सूचनाएं एकत्र कर रहा था. जब अमेरिका में रात थी और अधिकांश निवेशक सो रहे थे, तब एआई ने उन वैश्विक खबरों को ट्रैक किया जिनका सीधा असर प्रेडिक्शन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ‘पॉलीमार्केट’ (Polymarket) पर पड़ना तय था. एआई ने समय के इस अंतर (Time Gap) का चतुराई से फायदा उठाया और खबर के सार्वजनिक होने से पहले ही दांव लगा दिया.

नींद के दौरान ही बन गए लाखों

​ट्रेडर ने बताया कि एआई द्वारा जगाए जाने के बाद उन्होंने केवल निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी और वापस सो गए. सुबह उठने पर उन्होंने देखा कि उनके पोर्टफोलियो में 40 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा थी. एआई की इस अचूक तेजी ने बाजार के उन उतार-चढ़ाव को पकड़ लिया, जो मानवीय क्षमता के लिए उस समय पर मुमकिन नहीं थे.

क्या है पॉलीमार्केट और एआई की भूमिका?

​पॉलीमार्केट एक लोकप्रिय प्रेडिक्शन मार्केट है जहां लोग भविष्य की घटनाओं, जैसे चुनाव परिणाम या आर्थिक आंकड़ों पर सट्टा लगाते हैं. एआई एजेंट अब इतने उन्नत हो चुके हैं कि वे दुनिया भर की न्यूज फीड और डेटा को इंसानों से कई गुना तेजी से प्रोसेस कर सकते हैं. इस मामले में, एआई ने सूचनाओं को पॉलीमार्केट तक पहुंचने और कीमतों में प्रतिबिंबित होने से पहले ही प्रोसेस कर लिया, जिससे उसे कम कीमत पर ट्रेड करने और अधिकतम मुनाफा कमाने का मौका मिला.

भविष्य की ट्रेडिंग का संकेत, लेकिन जोखिम भी बरकरार

​बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना निवेश के भविष्य की एक झलक है. जहां पहले केवल बड़े हेज फंड्स इस तरह की अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते थे, वहीं अब व्यक्तिगत ट्रेडर्स भी एआई बॉट्स का सहारा ले रहे हैं.

​हालांकि, विशेषज्ञों ने आगाह भी किया है कि इस तरह की ट्रेडिंग में जोखिम बहुत अधिक होता है, क्योंकि एल्गोरिदम में एक छोटी सी तकनीकी गलती भी भारी नुकसान का कारण बन सकती है.

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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