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महिला सुरक्षा के लिए छात्र का ‘सुरक्षा कवच’: ऑटो-टैक्सी में एक स्कैन से पुलिस तक पहुँचेगी आपकी लोकेशन

नई दिल्ली/तिरुपति: आधुनिक तकनीक के इस दौर में जहाँ एक ओर अपराध बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर युवा तकनीक का इस्तेमाल लोगों की जान बचाने के लिए कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश की मोहन बाबू यूनिवर्सिटी के छात्र जी श्रीनिवास रेड्डी ने एक ऐसा अनूठा QR कोड विकसित किया है, जो सफर के दौरान महिलाओं और आम यात्रियों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ का काम करेगा।n7085158571776242752296a54b76018968cd8baade52a64318b80fb2b16b74f65c7b7f55dcb8d8d03f7cd9

क्या है यह तकनीक और कैसे करती है काम?

​अक्सर ऑटो या टैक्सी में सफर करते समय यात्री, विशेषकर महिलाएँ, असुरक्षित महसूस करती हैं। श्रीनिवास द्वारा तैयार किया गया यह खास QR कोड वाहन में ड्राइवर की सीट के पीछे लगाया जाएगा।

पुलिस प्रशासन का मिला भरपूर सहयोग

​इस नवाचार को जमीन पर उतारने में पुलिस अधिकारियों का भी बड़ा योगदान रहा है। श्रीनिवास ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में उन्हें डीसीपी शेख शरीना बेगम का मार्गदर्शन मिला। इस तकनीक को आईपीएस अधिकारी एस. वी. राजशेखर बाबू द्वारा लॉन्च किया गया, जो छात्र की इस उपलब्धि पर पुलिस के भरोसे को दर्शाता है।

समाज के लिए क्यों है जरूरी?

​यह तकनीक उन हजारों लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है जो रोजाना लोकल ट्रांसपोर्ट का उपयोग करते हैं। ड्राइवर का व्यवहार संदिग्ध लगने या रास्ता भटकने जैसी स्थितियों में यह QR कोड एक बटन दबाने जैसा आसान और प्रभावी समाधान है। श्रीनिवास रेड्डी का यह प्रयास इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे किताबी ज्ञान को असल दुनिया की समस्याओं को सुलझाने में लगाया जा सकता है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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