जमशेदपुर: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) जमशेदपुर महानगर के गोविंदपुर प्रखंड स्थित स्वामी सहजानंद सरस्वती संस्थान में ‘श्रीरामोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। हिंदू नववर्ष से लेकर हनुमान जन्मोत्सव तक चलने वाले इस उत्सव के माध्यम से विहिप भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रही है।
श्रीराम का चरित्र ही भारत का आधार
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पटना एवं गुवाहाटी क्षेत्र के संत संपर्क प्रमुख माननीय वीरेंद्र विमल ने समाज के प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन और चरित्र आज भी हमारे लिए सर्वोत्तम आदर्श है। उन्होंने जोर देकर कहा:
”भारत का सामाजिक और राजनीतिक ढांचा प्रभु श्रीराम की नीतियों पर आधारित है। अयोध्या में निर्मित भव्य श्रीराम मंदिर इस बात का प्रमाण है कि श्रीराम ही वह शक्ति हैं जो पूरे भारतीय समाज को एक सूत्र में पिरोते हैं।”
सामाजिक समरसता और एकजुटता पर बल
विहिप सिंहभूम विभाग मंत्री अरुण सिंह ने अपने संबोधन में रावण वध का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार दैवीय शक्तियों ने श्रीराम के नेतृत्व में एकजुट होकर अधर्म का नाश किया, उसी प्रकार जमशेदपुर के सभी रामनवमी अखाड़ा समितियों और हिंदू समाज को विहिप के सानिध्य में एकजुट किया गया है। उन्होंने कहा कि श्रीराम के जीवन से मिली सामाजिक समरसता की सीख ही वह कारण है कि कोई भी बाहरी शक्ति सनातन धर्म की आस्था को डिगा नहीं सकी है।
कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस भव्य समारोह में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और स्वयंसेवक उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- प्रांत व विभाग: देवेंद्र गुप्ता (प्रांत मठ मंदिर प्रमुख), मिथिलेश जी (विभाग संगठन मंत्री), मुन्ना दुबे (विभाग बजरंगदल संयोजक)।
- महानगर पदाधिकारी: चंद्रिका भगत (मंत्री), चंदन दास (संयोजक), रितेश ओझा (सत्संग प्रमुख), प्रतीक जी (बलोपासना प्रमुख)।
- प्रखंड व अन्य: ज्ञान प्रकाश, कमलेश तिवारी, अमित रंजन, भीमराज, अनिल जी, शुभम जी, गोपाल जी एवं आरएसएस के नगर सह कार्यवाह उत्पल जी सहित भारी संख्या में महिलाएं और बच्चे।
विहिप के प्रचार-प्रसार विभाग के प्रदीप सिंह ने बताया कि संगठन का उद्देश्य श्रीराम के आदर्शों को आधुनिक पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना है।
