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मशहूर कथावाचक प्रदीप मिश्रा की शिष्या पर गंभीर आरोप: धोखे से भाई की दूसरी शादी कराने और दहेज के लिए बहू को प्रताड़ित करने का मामला, SSP से गुहार

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जमशेदपुर:

शहर के सोनारी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सुप्रसिद्ध कथावाचक सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा की शिष्या रंजीता वर्मा और उनके परिवार पर एक युवती का जीवन बर्बाद करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित हेमलता और उसके परिवार को धोखे में रखकर पहले से शादीशुदा कुणाल वर्मा (कुंदन वर्मा) से दोबारा विवाह कराने, ₹5 लाख दहेज मांगने, तंत्र-मंत्र वाला जल पिलाने और बेटी पैदा होने पर बेरहमी से मारपीट कर घर से निकालने की लिखित शिकायत सोनारी थाना और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) से की गई है।

​धोखे की बुनियाद पर रची गई शादी, फिर शुरू हुआ प्रताड़ना का दौर

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, नया लाइन सोनारी निवासी शिव प्रसाद वर्मा ने अपनी बेटी हेमलता का विवाह मीना देवी (अब मृत), रंजीता वर्मा, संगीता वर्मा, सुंदर प्रसाद वर्मा और संतोष वर्मा के अत्यधिक आग्रह पर नोआमुंडी निवासी कुंदन उर्फ कुणाल वर्मा के साथ तय किया था। विवाह के समय वधू पक्ष की ओर से ₹2 लाख नगद और ₹3 लाख के जेवरात व अन्य सामान स्त्री धन के रूप में दिए गए थे।

​शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुराल पक्ष का असली चेहरा सामने आ गया। मकान मरम्मत के नाम पर मायके से ₹5 लाख और लाने का दबाव बनाया जाने लगा। मना करने पर हेमलता को गर्भवती होने के बावजूद घर से निकाल दिया गया। बाद में सामाजिक समझौते के तहत पीड़िता के पिता ने ₹1 लाख नगद दिए, लेकिन ससुराल वाले बाकी के ₹4 लाख के लिए लगातार प्रताड़ित करते रहे।

​’तंत्र-मंत्र’ वाला जल और एक्सपायर्ड दवाइयां देने का आरोप

​पीड़िता हेमलता ने अपनी शिकायत में बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि नोआमुंडी ससुराल आते ही पति की बहन रंजीता वर्मा (जो खुद को प्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा की शिष्या बताती है) उसे तंत्र-मंत्र विद्या किया हुआ जल, बेलपत्र, भभूत और एक्सपायर्ड (अमानक) दवाइयां जबरन पिलाती थी। रंजीता का दावा था कि इससे जच्चा-बच्चा और परिवार सुखी रहेगा, लेकिन इसे पीने से हेमलता की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी।

​पति की पहली पत्नी की एंट्री और अवैध संबंधों का खुलासा

​पीड़िता के पैरों तले जमीन तब खिसक गई जब उसका पति कुणाल वर्मा अचानक अपने साथ एक अन्य महिला अंजनी सिंह और उसके छोटे बच्चे को लेकर घर पहुंचा। विरोध करने पर कुणाल ने साफ कह दिया कि यह उसकी पहली पत्नी और बच्चा है और हेमलता को उसके साथ ही मिलकर रहना होगा। ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता को यह भी पता चला कि उसके पति के कई अन्य महिलाओं के साथ भी अवैध संबंध हैं। जब उसने इसका कड़ा विरोध किया, तो ससुराल वालों ने उसे जान से मारने की नीयत से फिर एक्सपायर्ड दवा पिलानी चाही, जिसे हेमलता ने किसी तरह छीनकर अपने पास रख लिया।

​बेटी पैदा होने पर बढ़ी नाराजगी, घर में घुसकर जानलेवा हमला

​जान बचाकर जमशेदपुर मायके आई हेमलता ने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसका पूरा खर्च उसके पिता ने उठाया। बेटी पैदा होने की खबर मिलते ही ससुराल पक्ष आगबबूला हो गया। उन्होंने शर्त रखी कि ₹4 लाख मिलने और पहली पत्नी अंजनी के साथ रहने की सहमति देने पर ही वे उसे साथ रखेंगे।

​हद तो तब हो गई जब गत 19 अप्रैल को सुबह लगभग 8 बजे आरोपी कुणाल वर्मा, रंजीता वर्मा, संगीता वर्मा, संतोष वर्मा और सुंदर प्रसाद वर्मा जबरन सोनारी स्थित हेमलता के मायके में घुस गए। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए कहा, “साली थाना-पुलिस की धमकी देती है, आज इसे जान से मार देंगे।” रंजीता और संगीता ने बाल पकड़कर हेमलता को जमीन पर गिरा दिया, जबकि संतोष और सुंदर प्रसाद ने उसका गला दबाकर बेरहमी से मारपीट की। स्थानीय लोगों के जुटने पर आरोपियों के चंगुल से पीड़िता को बचाया जा सका, जिसके बाद उसका इलाज एमजीएम अस्पताल में कराया गया।

​कार्रवाई न होने पर नगर पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार

​पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना को लेकर दिनांक 2 मई 2026 को ही सोनारी थाने में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हार मानकर पीड़ित परिवार ने जमशेदपुर के नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। सिटी एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार को उचित कानूनी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया है। अब पीड़िता और उसके बुजुर्ग पिता को पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है।

– तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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