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बिहार में नए युग का सूत्रपात: सम्राट चौधरी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 46 वर्षों बाद सत्ता के केंद्र में भाजपा

पटना | बिहार की सियासत में बुधवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। करीब दो दशकों से राज्य की सत्ता के धुरी रहे नीतीश कुमार के बाद, अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहली बार बिहार में मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली है। पटना स्थित लोकभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।n708471978177623302928120fc1c75e4702cd7d2d248aad7aae332575f76335cc441f44bb1e4f4b10ceb9f

शपथ ग्रहण और नई टीम

​राज्‍यपाल अता हसनैन ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। उनके साथ मंत्रिमंडल के अहम चेहरों ने भी जिम्मेदारी संभाली:

​समारोह में निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान और संगठन महामंत्री बीएल संतोष सहित एनडीए के कई दिग्गज नेता इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।

भाजपा के लिए ‘निर्णायक मोड़’

​1980 में गठन के बाद से बिहार में संगठन को सींचने वाली भाजपा के लिए यह महज सरकार बदलना नहीं, बल्कि एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि है।

सत्ता का नया समीकरण और चुनौतियां

​राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बदलाव के साथ बिहार में सत्ता का संतुलन पूरी तरह बदल गया है। हालांकि, गठबंधन की राजनीति का दौर अब भी जारी है और भाजपा के सामने अब दोहरी चुनौती होगी:

  1. गठबंधन का संतुलन: सहयोगी दलों को साथ लेकर सरकार चलाना।
  2. जन अपेक्षाएं: नेतृत्वकर्ता की भूमिका में खुद को साबित करना और विकास की नई इबारत लिखना।

​यह सत्ता परिवर्तन बिहार की सियासत में एक नए दौर की शुरुआत है, जहां अब भाजपा की नीतियों और सम्राट चौधरी के नेतृत्व की अग्निपरीक्षा होगी।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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