हूल विद्रोह के नायक शहीद चानकु महतो की जयंती मनाई गई, भालूकविंदा चौक पर उमड़ा जनसैलाब
चक्रधरपुर/भालूकविंदा | ब्यूरो रिपोर्ट
झारखंड की माटी के महान सपूत और हूल विद्रोह के प्रखर नायक वीर शहीद चानकु महतो की जन्म जयंती सोमवार को पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। वीर शहीद चानकु महतो स्मारक समिति की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम मेम क्लब स्थित भालूकविंदा चौक पर संपन्न हुआ, जहाँ समाज के विभिन्न वर्गों ने जुटकर शहीद की शहादत को याद किया।
पारंपरिक विधि से पूजा और श्रद्धांजलि
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गरिमा के साथ हुआ। लाया लखन महतो ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और शहीद चानकु महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित कर ‘शहीद चानकु महतो अमर रहे’ के नारों से परिसर को गुंजायमान कर दिया।
“नई पीढ़ी के प्रेरणास्रोत हैं शहीद चानकु”
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने शहीद चानकु महतो के साहस और अंग्रेजों के खिलाफ उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला।
- त्याग की प्रतिमूर्ति: वक्ताओं ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए चानकु महतो का बलिदान अविस्मरणीय है।
- इतिहास से सीख: कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और बलिदानों से प्रेरणा लेकर समाज सेवा का संकल्प लेना चाहिए।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से हरिशंकर महतो, अमित महतो, स्वपन महतो, कोकिल चंद्र महतो, मनोरंजन महतो, चंदन महतो, जितेन महतो और पुरुषोत्तम महतो शामिल हुए। इनके अलावा विकास महतो, पूर्णेंदु महतो, भुवन महतो, दिलीप महतो, लखी महतो, हांसू महतो, कालू महतो, समीर महतो, रतन किस्कू और हाराधन महतो समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
