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खुलासा: चंद रुपयों के लालच में कारोबारियों की मुखबिरी कर रहे थे रांची और बोकारो के युवक, प्रिंस खान गैंग से जुड़े तार

रांची/बोकारो: झारखंड में आतंक का पर्याय बने और पाकिस्तान में छिपे गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि रांची और बोकारो के कुछ स्थानीय युवक महज 5,000 रुपये जैसी मामूली रकम के लिए बड़े कारोबारियों, बिल्डरों और रसूखदार लोगों की निजी जानकारी और मोबाइल नंबर गैंगस्टर तक पहुंचा रहे थे।718e9a5b4134e16049d4e0ac9fbaa7029710e392f70b52801ad48d5b663b854b.0

कैसे काम करता था यह ‘इन्फॉर्मेशन नेटवर्क’?

​जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रिंस खान का यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। इसमें शामिल युवक स्थानीय स्तर पर व्यापारियों के संपर्क में आते थे और धीरे-धीरे उनके मोबाइल नंबर, टर्नओवर की जानकारी और यहां तक कि उनके परिवार का विवरण भी जुटा लेते थे। इसके बाद यह डेटा डिजिटल माध्यमों से सीधे प्रिंस खान तक भेज दिया जाता था।

इन नामों का हुआ खुलासा:

एजेंसियों ने इस नेटवर्क में कुछ प्रमुख संदिग्धों की पहचान की है:

5,000 रुपये में दांव पर कारोबारियों की सुरक्षा

​इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि संवेदनशील जानकारी साझा करने के बदले इन युवकों को मात्र 5,000 रुपये तक का भुगतान किया जाता था। इस मामूली लालच में ये युवक स्थानीय उद्यमियों की जान और सुरक्षा को जोखिम में डाल रहे थे। जैसे ही जानकारी प्रिंस खान तक पहुंचती, वहां से कारोबारियों को धमकी भरे कॉल और रंगदारी के वीडियो संदेश आने शुरू हो जाते थे।

युवतियों की संलिप्तता की भी आशंका

​जांच का दायरा अब और बढ़ गया है। सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क में रांची की कुछ युवतियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है। एजेंसियां फिलहाल इस कड़ी की विस्तृत जांच कर रही हैं ताकि यह पता चल सके कि हनीट्रैप या किसी अन्य माध्यम से जानकारी तो नहीं जुटाई जा रही थी।

एजेंसियों का कड़ा रुख

​गैंगस्टर प्रिंस खान विदेश में बैठकर झारखंड के इस रंगदारी नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इस पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रही हैं। कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और तकनीकी सर्विलांस के जरिए नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है।

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