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रेवंत रेड्डी की भाजपा को खुली चुनौती: ‘हिम्मत है तो तेलंगाना में सरकार बनाकर दिखाएं, 4% आरक्षण कोई नहीं छीन सकता’

हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए उन्हें राज्य में सत्ता हासिल करने की चुनौती दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेलंगाना में अल्पसंख्यकों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण बरकरार रहेगा और भाजपा का इसे खत्म करने का सपना कभी पूरा नहीं होगा।

हेट स्पीच के खिलाफ ‘कर्नाटक मॉडल’ पर बनेगा कानून

​हैदराबाद में जमीयत उलमा तेलंगाना की बैठक में मुख्यमंत्री ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार जल्द ही हेट स्पीच (नफरती भाषण) के खिलाफ एक सख्त कानून लाने जा रही है।

अमित शाह और मोदी से सीधे सवाल

​मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस पुराने बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने भाजपा के सत्ता में आने पर मुस्लिम आरक्षण खत्म करने की बात कही थी। रेवंत रेड्डी ने तीखे लहजे में कहा:

​”अगर आपमें हिम्मत है, तो तेलंगाना में सरकार बनाकर दिखाइए। दिल्ली से आकर महबूबनगर में बड़ी-बड़ी बातें करने से कुछ नहीं होगा। हमने जातिगत सर्वेक्षण के जरिए डेटा पुख्ता कर लिया है, जिससे 4% आरक्षण को स्थायी बनाने में मदद मिलेगी।”

भाजपा-बीआरएस पर ‘वोट ट्रांसफर’ का आरोप

​रेवंत रेड्डी ने भाजपा की चुनावी जीत पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि तेलंगाना में भाजपा को जो भी सफलता मिली है, वह बीआरएस (BRS) द्वारा किए गए ‘वोट ट्रांसफर’ का नतीजा है। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति के बजाय देश को अमेरिका और चीन जैसी शक्तियों के सामने खड़ा करने के लिए सभी समुदायों को एकजुट होना होगा।

सियासी टकराव की पृष्ठभूमि

​हाल ही में भाजपा अध्यक्ष नितिन नाबिन ने रेवंत सरकार पर ‘तुष्टीकरण’ का आरोप लगाया था। भाजपा का तर्क है कि अल्पसंख्यक आरक्षण का लाभ काटकर अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और पिछड़े वर्गों को दिया जाना चाहिए। वहीं, कांग्रेस सरकार इसे अल्पसंख्यकों का संवैधानिक अधिकार बता रही है।

मुख्य बिंदु:

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