रांची: पुंदाग ओपी क्षेत्र में 4 फरवरी को मिली 16 वर्षीय वसीम मंसूरी की लाश के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वसीम की हत्या किसी अनजान दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके साथ काम करने वाले दो साथियों ने मिलकर की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों—साहिद अंसारी और मुसरफ अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
अपमान का बदला लेने के लिए रची साजिश
पुलिस जांच के अनुसार, हत्या की मुख्य वजह प्रेम प्रसंग और उससे जुड़ा पुराना विवाद है।
- विवाद की जड़: मुख्य आरोपी साहिद अंसारी का वसीम की एक रिश्तेदार युवती से प्रेम संबंध था।
- पुरानी रंजिश: इसी बात को लेकर 15 जनवरी 2026 को लोहरदगा में वसीम और उसके परिजनों ने साहिद की पिटाई की थी और उसे धमकी दी थी। साहिद इसी अपमान का बदला लेना चाहता था।
काम के बहाने बुलाकर की निर्मम हत्या
2 फरवरी को साहिद ने अपने साथी मुसरफ के साथ मिलकर वसीम को ठिकाने लगाने की योजना बनाई:
- बुलावा: वसीम को काम के बहाने पुंदाग के लाजपत नगर स्थित एक निर्माणाधीन ‘अनसूल अपार्टमेंट’ में बुलाया गया।
- हमला: बिल्डिंग की पहली मंजिल पर पहुंचते ही दोनों ने वसीम पर चाकू और लाठी से हमला कर दिया। वसीम की मौके पर ही मौत हो गई।
- सबूत मिटाने की कोशिश: आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए वसीम के शव को ग्राउंड फ्लोर पर लिफ्ट के लिए बनाए गए पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया और फरार हो गए।
SIT की जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य
शव मिलने के बाद एसएसपी के निर्देश पर एसआईटी (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (Mobile Location & Call Records) और स्थानीय पूछताछ के आधार पर साहिद और मुसरफ को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
बरामदगी:
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- हत्या में प्रयुक्त खून लगा चाकू और डंडा।
- साहिद का खून से सना हरा शर्ट और नीला जींस।
- आरोपियों के स्मार्टफोन।
