आईआरसीटीसी की वेबसाइट से जुड़ी दिक्कतों को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बड़ी घोषणा की है। जयपुर में मालवीय नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) के विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि सरकारी कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (IRCTC) की नई और पहले से बेहतर वेबसाइट अगले महीने 15 जुलाई तक शुरू हो जाएगी।
रेलवे अधिकारियों द्वारा साझा किए गए और न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) द्वारा ट्वीट किए गए एक वीडियो में इस बातचीत की पुष्टि हुई है।
छात्रा की शिकायत पर तुरंत एक्शन
एमएनआईटी के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान एक छात्रा ने आईआरसीटीसी वेबसाइट पर टिकट बुकिंग के समय आने वाली ‘कैपचा’ (Captcha) की बड़ी समस्या को दूर करने की मांग की। इस पर रेल मंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया और मौके से ही एक वरिष्ठ अधिकारी को फोन मिला दिया।
रेल मंत्री ने अधिकारी से कहा, “विद्यार्थियों की डिमांड है कि आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट बने। क्या इसे एक महीने में लॉन्च कर देंगे?” इसके बाद उन्होंने छात्रा को भरोसा दिलाया कि 15 जुलाई तक नई वेबसाइट की लॉन्चिंग कर दी जाएगी।
पीक ऑवर्स में क्रैश और कैपचा-ओटीपी का झंझट होगा खत्म
वर्तमान में आईआरसीटीसी की टिकटिंग वेबसाइट ([https://www.irctc.co.in/](https://www.irctc.co.in/)) पर यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से:
- सुबह 8 बजे: जब दो महीने बाद की सामान्य बुकिंग खुलती है।
- सुबह 10 और 11 बजे: जब क्रमशः एसी और नॉन-एसी श्रेणियों के लिए तत्काल टिकटों की बुकिंग शुरू होती है।
इन पीक ऑवर्स (ज्यादा डिमांड वाले समय) में साइट का क्रैश होना बेहद आम बात है। इसके अलावा, कैपचा और ओटीपी (OTP) की जटिल औपचारिकताओं को पूरा करने में ही इतना समय लग जाता है कि आम यात्रियों के सामने देखते ही देखते कंफर्म टिकट खत्म हो जाते हैं। नई वेबसाइट से इन सभी समस्याओं के स्थायी समाधान की उम्मीद है।
88% टिकट अब ऑनलाइन, काउंटरों पर निर्भरता कम
साल 2002 में जब भारतीय रेलवे ने इंटरनेट से टिकट बुकिंग सेवा की शुरुआत की थी, तब रोजाना महज कुछ सौ टिकट ही बिकते थे। लेकिन आज परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। इस समय रेलवे के करीब 88 फीसदी टिकट आईआरसीटीसी के जरिए ऑनलाइन बुक किए जा रहे हैं। यही कारण है कि रेलवे ने अब देश भर में रिजर्वेशन काउंटरों की संख्या को भी धीरे-धीरे कम करना शुरू कर दिया है। ऐसे में नई वेबसाइट का आना करोड़ों रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
