आदित्यपुर: प्रस्तावित Electricity (Amendment) Bill 2025 के खिलाफ अब जन-आंदोलन तेज होने लगा है। मंगलवार, 10 मार्च 2026 को Jharkhand Electricity Consumers Association के एक प्रतिनिधिमंडल ने आदित्यपुर स्थित झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के कार्यपालक अभियंता से मुलाकात की और केंद्र सरकार के इस विधेयक के विरोध में एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।
आम आदमी की जेब पर पड़ेगा बोझ: उपभोक्ता संघ
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन ने विधेयक के संभावित दुष्परिणामों पर गहरी चिंता व्यक्त की। संघ का मानना है कि:
- निजीकरण का खतरा: इस विधेयक से बिजली क्षेत्र में अत्यधिक व्यवसायीकरण और निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
- बढ़ेगी बिजली की दरें: निजी कंपनियों के प्रभुत्व से आम उपभोक्ताओं, मध्यम वर्ग और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
- हितधारकों की अनदेखी: संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस विधेयक को लाने से पहले उपभोक्ताओं या किसानों से कोई व्यापक परामर्श नहीं किया है।
उपभोक्ता हितों को सर्वोपरि रखने की मांग
संगठन के महासचिव K. Venugopal Bhatt ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “बिजली कोई विलासिता की वस्तु नहीं, बल्कि एक आवश्यक सेवा है। सरकार को इसे लाभ कमाने का जरिया बनाने के बजाय उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।” उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस विधेयक को तत्काल वापस लिया जाए और सभी पक्षों के साथ चर्चा की जाए।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान लगभग दो दर्जन लोग उपस्थित थे। मुख्य रूप से आशीष धर, लिली दास, मौसुमी मित्रा, विष्णु देव गिरी, बिपिन मंडल, संतोष कुमार और भास्कर गुप्ता सहित कई सक्रिय सदस्य शामिल हुए।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
