Site icon

तीसरी धारा विशेष: एनआईटी जमशेदपुर में ऑटोमोबाइल क्रांति की तैयारी; ICE और EV कंपोनेंट्स पर पांच दिवसीय उन्नत ESDP का आगाज़

जमशेदपुर: तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता के संगम के रूप में मशहूर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में आज से ऑटोमोबाइल क्षेत्र के भविष्य को लेकर मंथन शुरू हो गया है। भारत सरकार के MSME मंत्रालय के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय उन्नत उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम (ESDP) का भव्य उद्घाटन किया गया।

विषय: घरेलू और निर्यात बाजारों के लिए ICE और EVs की तैयारी

​12 से 16 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक इंजन (ICE) और भविष्य की इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के ऑटो कंपोनेंट्स के निर्माण में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।

निदेशक की दूरगामी सोच और नेतृत्व

​संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सुत्रधार के मार्गदर्शन में यह पहल की गई है। उनकी दृष्टि उद्योग और शिक्षा के बीच की खाई को पाटने और स्वदेशी तकनीकी उन्नति को बढ़ावा देने की है। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रभारी निदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा ने कहा:

“आने वाला समय इलेक्ट्रिक वाहनों और नवीकरणीय ऊर्जा का है। युवाओं को न केवल तकनीक सीखनी चाहिए, बल्कि उद्यमिता के जरिए रोजगार प्रदाता भी बनना चाहिए।”

दिग्गज विशेषज्ञों का जुटेगा जमावड़ा

​इस कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योगों के विशेषज्ञ प्रतिभागियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।

MSME का सहयोग और आत्मनिर्भर भारत का सपना

​यह कार्यक्रम पूरी तरह से MSME मंत्रालय द्वारा प्रायोजित है, जो दर्शाता है कि सरकार छोटे और मध्यम उद्योगों को इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में नवाचार के लिए तैयार कर रही है। इसमें छात्र, शोधकर्ता और भविष्य के उद्यमी भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम की रूपरेखा एक नज़र में:

विवरणजानकारी
अवधि12 फरवरी से 16 फरवरी 2026
आयोजकएनआईटी जमशेदपुर (MSME मंत्रालय द्वारा प्रायोजित)
समन्वयकडॉ. कनिका प्रसाद, डॉ. ओम हरि गुप्ता, डॉ. के. राघवेंद्र
लक्ष्यICE और EV सेक्टर में उद्यमिता को बढ़ावा देना
Exit mobile version