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दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन को मरणोपरांत ‘पद्म भूषण’: आजाद गिरी ने कहा— ‘झारखंड के महानायक के अद्वितीय संघर्ष को देश का सच्चा नमन’

जमशेदपुर: झारखंड आंदोलन के जनक और करोड़ों दिलों की धड़कन ‘दिशोम गुरु’ स्वर्गीय शिबू सोरेन जी को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से नवाजे जाने पर लौहनगरी जमशेदपुर सहित पूरे राज्य में हर्ष की लहर है। इस ऐतिहासिक और भावुक क्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए शहर के प्रख्यात समाजसेवी सह ‘जमशेदपुर टाइगर क्लब’ के अध्यक्ष आजाद गिरी ने अपनी गहरी प्रसन्नता और आदर प्रकट किया है। IMG 20260623 WA0053

​राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामयी समारोह के दौरान जब गुरुजी की धर्मपत्नी रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया, तो वह पल हर झारखंडी की आंखों में गौरव और आंसुओं का अनूठा संगम लेकर आया।

इस गौरवमयी उपलब्धि पर बधाई देते हुए समाजसेवी आजाद गिरी ने कहा:

​”आदरणीय गुरु जी आज भले ही हमारे बीच सशरीर मौजूद नहीं हैं, लेकिन जल, जंगल, जमीन और दबे-कुचलों के अधिकारों के लिए लड़ा गया उनका ऐतिहासिक संघर्ष आज भी हर झारखंडी को प्रेरित करता है। केंद्र सरकार द्वारा उन्हें मरणोपरांत ‘पद्म भूषण’ देना उनके दशकों के आत्मत्याग, जन-आंदोलन और अमिट विरासत को पूरे राष्ट्र का एक सच्चा और न्यायोचित नमन है। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि राज्य के हर उस नागरिक का सम्मान है जिसने झारखंड के अस्तित्व की लड़ाई लड़ी है।”

​आजाद गिरी ने आगे कहा कि गुरुजी का जीवन हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है और यह पुरस्कार आने वाली पीढ़ियों को अपनी माटी के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता रहेगा।

तीसरी धारा न्यूज

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