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MGM अस्पताल की बदहाली: 4 दिनों से पानी की किल्लत, 45 ऑपरेशन टले; विधायक सरयू राय ने व्यवस्था पर उठाए सवाल

जमशेदपुर: कोल्हान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल, एमजीएम (MGM), एक बार फिर अपनी अव्यवस्थाओं के कारण सुर्खियों में है। पिछले चार दिनों से अस्पताल गंभीर जल संकट से जूझ रहा है, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। पानी की अनुपलब्धता के कारण अस्पताल में 40 से 45 महत्वपूर्ण ऑपरेशन टालने पड़े हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ गई है।

उद्घाटन पर उठे सवाल: ‘वोट के लिए आनन-फानन में शुरू किया अस्पताल’

​जल संकट की सूचना मिलते ही जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर तीखा हमला बोला।

डिप बोरिंग फेल, निगम के भरोसे ‘लाइफ सपोर्ट’

​अस्पताल में पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए ‘डिप बोरिंग’ कराई गई थी, लेकिन वह लागत के अनुसार पानी देने में विफल रही है। वर्तमान स्थिति यह है:

  1. मानगो नगर निगम पर निर्भरता: अस्पताल को अब मानगो नगर निगम के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
  2. आम जनता पर असर: विधायक ने अंदेशा जताया कि अस्पताल को पानी देने के चक्कर में आने वाले समय में मानगो की आम जनता को भी पानी की किल्लत झेलनी पड़ सकती है।

मरीजों की बेबसी: बाहर से पानी खरीदने को मजबूर

​कोल्हान के दूर-दराज इलाकों से आने वाले गरीब मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह संकट दोहरी मार साबित हो रहा है।

प्रबंधन का पक्ष: ‘जल्द सुधरेगी स्थिति’

​अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी ने स्वीकार किया कि पानी की समस्या के कारण ऑपरेशन टालने पड़े हैं। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि जब से नगर निगम ने कमान संभाली है, स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और जल्द ही संकट दूर कर लिया जाएगा।

मुख्य आंकड़े और स्थिति:

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