Site icon

सियासी भूचाल: राघव चड्ढा समेत AAP के 7 राज्यसभा सांसदों ने छोड़ी पार्टी, BJP में होंगे शामिल

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर लंबे समय से चल रहे मतभेद अब एक बड़े विभाजन के रूप में सामने आए हैं। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी के नेतृत्व के साथ सार्वजनिक विवाद के बाद शुक्रवार को ‘आप’ से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। चड्ढा के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी पार्टी को अलविदा कह दिया है। ये सभी नेता जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होंगे।n709804509177703865130041e5f7313cfff3fa2e39ec3c098a82f0b9221543e333ee1208d4f0594863f43d

पंजाब से आप का ‘सफाया’, दिग्गज सांसदों का इस्तीफा

​इस घटनाक्रम ने पंजाब और दिल्ली की राजनीति में खलबली मचा दी है। इस्तीफा देने वाले नेताओं की सूची लंबी है, जिसमें पंजाब से प्रतिनिधित्व करने वाले बड़े चेहरे शामिल हैं:

“गलत पार्टी में सही आदमी हूँ” – राघव चड्ढा

​एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “मैंने इस पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, लेकिन अब यह पार्टी अपने सिद्धांतों और नैतिकता से भटक गई है। पार्टी अब राष्ट्रीय हित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है।” चड्ढा ने आगे कहा, “मुझे अक्सर लोग कहते थे कि मैं ‘गलत पार्टी में सही आदमी’ हूँ, और आज मुझे भी यही महसूस हो रहा है।”

दो-तिहाई सांसदों का साथ छूटा, संवैधानिक प्रावधानों का सहारा

​राघव चड्ढा ने दावा किया है कि उनके इस समूह में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद शामिल हैं। कानून के जानकारों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में सांसदों का अलग होना दल-बदल विरोधी कानून के तहत बीजेपी के साथ विलय करने के संवैधानिक प्रावधानों को आसान बना सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में और भी कई नेता उनके साथ जुड़ सकते हैं।

अब राज्यसभा में आप की स्थिति

​पंजाब से राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सदस्य थे। इस इस्तीफे के बाद अब उच्च सदन में पार्टी के पास केवल नारायण दास गुप्ता, संजय सिंह और संत बलबीर सिंह जैसे कुछ ही गिने-चुने सदस्य बचे हैं।

​अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

Exit mobile version