बेंगलुरु: भारत के डिजिटल भुगतान बाजार की दिग्गज कंपनी PhonePe के बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) का रास्ता साफ हो गया है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी को पब्लिक इश्यू लाने की हरी झंडी दे दी है। इस मंजूरी के साथ ही PhonePe देश की नई अर्थव्यवस्था (New Economy) का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ लाने की राह पर है।
IPO से जुड़ी मुख्य बातें
- वैल्यूएशन: कंपनी करीब 15 अरब डॉलर (लगभग ₹1.25 लाख करोड़) के वैल्यूएशन पर बाजार में उतर सकती है।
- इश्यू साइज: इस पेशकश के जरिए लगभग 12,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।
- ऑफर फॉर सेल (OFS): यह आईपीओ पूरी तरह OFS के जरिए आने की संभावना है, जिसमें वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट जैसे मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
UPI बाजार में एकतरफा दबदबा
PhonePe की सबसे बड़ी मजबूती उसका विशाल यूजर बेस और ट्रांजैक्शन वॉल्यूम है:
- मार्केट शेयर: UPI बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी लगभग 45% है।
- ट्रांजैक्शन: कंपनी हर महीने करीब 10 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस करती है।
- कुल वैल्यू: मासिक ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
Paytm और Swiggy से तुलना
PhonePe का यह आईपीओ Paytm (₹18,000 करोड़) के बाद दूसरा सबसे बड़ा फिनटेक आईपीओ होगा। हाल ही में आए Swiggy के ₹11,300 करोड़ के आईपीओ को भी यह पीछे छोड़ सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि PhonePe की मजबूत वित्तीय स्थिति और डिजिटल पेमेंट में उसकी पकड़ इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है।
विस्तार और भविष्य की योजनाएं
हालांकि PhonePe की 90% कमाई पेमेंट बिजनेस से आती है, लेकिन कंपनी अब स्टॉक ट्रेडिंग, लेंडिंग (कर्ज) और इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से पैर पसार रही है। आईपीओ के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी और मॉर्गन स्टेनली जैसे बड़े संस्थान सलाहकार के रूप में जुड़े हैं।
अगला कदम: कंपनी अगले कुछ दिनों में अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकती है, जिससे आईपीओ की सटीक तारीखों का पता चलेगा।
