जमशेदपुर: बागबेड़ा एवं आसपास के क्षेत्रों में गहराते पेयजल संकट और पिछले 11 वर्षों से अधूरी पड़ी जलापूर्ति योजना के विरोध में आज जन-आक्रोश फूट पड़ा। ग्राम विकास संघर्ष समिति के बैनर तले, पूर्व जिला पार्षद किशोर यादव के नेतृत्व में टाटानगर स्टेशन गोलचक्कर पर एक दिवसीय अनशन आयोजित किया गया।
यह अनशन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला, जिसमें भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। अनशन की समाप्ति के बाद समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त (DC) के आवासीय कार्यालय पहुंचकर एक मांग पत्र सौंपा।
150 करोड़ खर्च, फिर भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लाखों लोग
उपायुक्त को सौंपे गए मांग पत्र में समिति ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बागबेड़ा वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना पिछले 11 वर्षों से अधूरी पड़ी है। इस लंबी अवधि के दौरान पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा कई बार योजना पूर्ण कर जलापूर्ति शुरू करने की समय-सीमा (डेडलाइन) तय की गई, लेकिन हर बार जनता को केवल खोखला आश्वासन ही हाथ लगा।
”इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होने के बावजूद बागबेड़ा और उसके आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोग आज भी स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में क्षेत्र में पेयजल संकट अब अत्यंत गंभीर रूप ले चुका है, जिससे लोगों का दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।”
— किशोर यादव (नेतृत्वकर्ता, पूर्व जिला पार्षद)
जून के प्रथम सप्ताह का आश्वासन भी निकला हवा
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि गत 22 मार्च को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता श्री सुनील कुमार ने खुद जून के प्रथम सप्ताह से आंशिक जलापूर्ति शुरू करने का लिखित/मौखिक आश्वासन दिया था, लेकिन जून का दूसरा सप्ताह समाप्त होने के बावजूद अब तक जलापूर्ति की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। विभाग की इस कार्यशैली से स्थानीय जनता में भारी नाराजगी है।
15 दिनों का अल्टीमेटम, नहीं तो होगा ‘आमरण अनशन’
ग्राम विकास संघर्ष समिति ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग को स्पष्ट चेतावनी देते हुए मांग की है कि:
- योजना के सभी शेष तकनीकी और धरातलीय कार्यों को 15 दिनों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।
- प्रभावित क्षेत्रों में अविलंब नियमित जलापूर्ति प्रारंभ कराई जाए।
समिति ने साफ तौर पर कहा कि यदि इस निश्चित समयावधि के भीतर जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो जनहित में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग कार्यालय के समक्ष ‘आमरण अनशन’ शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित विभाग और जिला प्रशासन की होगी।
अनशन में क्षेत्रवासियों की रही भारी उपस्थिति
इस एक दिवसीय अनशन कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से नीरज सिंह, पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, विकास यादव, सुरेश निषाद, शिवजी सिंह, श्याम किशोर, सुशील कुमार सोहो, कुमुद यादव, संतोष ठाकुर, पिंटू चौबे, पवन ओझा, गोविंद यादव, प्राण राय, धर्मेंद्र चौहान, विष्णु ठाकुर, सचिन पांडेय, अनिल गोस्वामी, कमलेश साह, सचिन पोद्दार, बाहामुनी हेमरम, अजीत सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी और ग्रामीण उपस्थित थे।
तीसरी धारा न्यूज
