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होली पर ‘नॉन-वेज’ का महाबाजार: धनबाद में यूपी के खस्सी और बंगाल के मुर्गों की बहार; करोड़ों के कारोबार की उम्मीद

धनबाद: रंगों के त्योहार होली को लेकर जहां एक ओर बाजारों में अबीर और गुलाल की महक है, वहीं दूसरी ओर लजीज पकवानों, खासकर मटन और चिकन के शौकीनों के लिए बाजार पूरी तरह सज चुका है। इस साल झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र में मीट का कारोबार रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने का अनुमान है।

यूपी-बिहार से खस्सी और बंगाल से मुर्गों की खेप

​मटन की भारी मांग को पूरा करने के लिए व्यापारियों ने बड़े स्तर पर तैयारी की है:

अकेले धनबाद में 900 क्विंटल मटन की खपत का अनुमान

​मटन कारोबारी सुशांत दास के अनुसार, इस बार अकेले धनबाद शहर में करीब 900 क्विंटल मटन की बिक्री हो सकती है। ग्राहकों को ताजा और उच्च गुणवत्ता वाला मांस मिले, इसके लिए छोटे विक्रेता भी एकजुट होकर सीधे बाहर से माल मंगा रहे हैं।

बाजार भाव: क्या रहेगी आपकी जेब पर मार?

​अच्छी खबर यह है कि भारी मांग के बावजूद कीमतें नियंत्रण में रहने की संभावना है। बाजार में रेट कुछ इस प्रकार रह सकते हैं:

आइटमअनुमानित दर (प्रति किलो)
मटन (खस्सी)₹750 से ₹820
चिकन (ड्रेसिंग)₹220 से ₹240
खड़ा मुर्गा (Live)₹160 से ₹180

चिकन बाजार भी उत्साह में

​शहर के पुलिस लाइन और गोबिंदपुर क्षेत्र के विक्रेताओं (कल्याण महतो, अविनाश और राधेलाल प्रसाद) का कहना है कि चिकन के दाम स्थिर हैं। केवल चिकन के कारोबार से ही शहर में 20 लाख रुपये से अधिक के व्यापार की उम्मीद जताई जा रही है।

तीसरी धारा न्यूज की सलाह: होली की भीड़ में मांस खरीदते समय ताजगी और गुणवत्ता की जांच अवश्य करें। विश्वसनीय दुकानों से ही खरीदारी करें ताकि आपका त्योहार सेहतमंद और खुशहाल रहे।

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