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चाण्डिल थाना के अधिकारी ने रुचाप की आदिवासी महिला पर झाड़ा वर्दी का रौब, ‘तीसरी धारा न्यूज’ के पास सुरक्षित है वीडियो; पुलिसिया कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

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चाण्डिल: सरायकेला-खरसावां जिले के चाण्डिल थाना क्षेत्र अंतर्गत रुचाप गांव से खाकी की धौंस और पुलिसिया दुर्व्यवहार का एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। चाण्डिल थाना के पुलिस अधिकारियों द्वारा एक स्थानीय आदिवासी महिला पर अपनी वर्दी का रौब झाड़ने और उनके साथ बदसलूकी करने का पूरा वाकया कैमरे में कैद हो गया है। इस घटना से जुड़ा एक एक्सक्लूसिव वीडियो ‘तीसरी धारा न्यूज’ के रिपोर्टर के हाथ लगा है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और आम जनता के प्रति उनके रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

​क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, चाण्डिल थाना के पुलिस अधिकारी किसी मामले के सिलसिले में रुचाप गांव पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद एक आदिवासी महिला के साथ पुलिस कर्मियों का आमना-सामना हुआ। आरोप है कि ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारियों ने कानून और मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए महिला के ऊपर वर्दी का धौंस जमाना शुरू कर दिया और बेहद आक्रामक व अपमानजनक रवैया अपनाया।

‘तीसरी धारा न्यूज’ के रिपोर्टर को मिले वीडियो में पुलिस कर्मियों का व्यवहार एक आम नागरिक और विशेषकर एक आदिवासी महिला के प्रति बेहद असंवेदनशील और कानून के रखवालों की छवि के बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ न्याय करने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया है।

​दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल बर्खास्त करने की मांग तेज

​इस घटना की जानकारी और वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि:

​”गरीब और सीधे-साधे आदिवासियों पर खाकी का रौब झाड़ने वाले ऐसे पुलिसकर्मियों की विभाग में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों को इस मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करना चाहिए।”

​पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए अब इस प्रामाणिक वीडियो साक्ष्य के आधार पर मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है, ताकि सत्ता और प्रशासन के शीर्ष पदों पर बैठे लोग इस बर्बरता को देख सकें।

प्रशासन की निष्पक्षता पर टिकी नजरें

​झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में एक आदिवासी महिला के साथ पुलिस का ऐसा अमर्यादित व्यवहार बेहद चिंताजनक है। बुद्धिजीवियों का मानना है कि यदि रक्षक ही भक्षक बनकर जनता को डराएंगे, तो समाज का कानून व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा। अब देखना यह होगा कि ‘तीसरी धारा न्यूज’ के पास मौजूद इस पुख्ता वीडियो साक्ष्य के सामने आने के बाद जिला पुलिस कप्तान (SP) और चाण्डिल अंचल के वरीय अधिकारी इन बेलगाम पुलिसकर्मियों पर क्या दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।

​इस संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की सख्त दरकार है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

– तीसरी धारा न्यूज

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