नई दिल्ली | 20 जनवरी, 2026
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इतिहास में आज 20 जनवरी 2026 का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। बिहार की राजनीति के दिग्गज और पांच बार के विधायक नितिन नबीन ने आधिकारिक तौर पर दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया है।
दिल्ली में आयोजित एक भव्य ‘ताजपोशी’ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी।
”आज से नितिन नबीन मेरे बॉस हैं”: प्रधानमंत्री मोदी
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक और ऊर्जावान नजर आए। उन्होंने नितिन नबीन को ‘मिलेनियल नेता’ बताते हुए कहा कि वह रेडियो के दौर से एआई (AI) के युग तक के गवाह रहे हैं।
”नितिन जी उस पीढ़ी से हैं जिसने भारत के बड़े बदलावों को देखा है। उनके पास युवा ऊर्जा और संगठनात्मक अनुभव का अद्भुत मेल है। आज से नितिन नबीन जी मेरे बॉस हैं और मैं पार्टी का एक साधारण कार्यकर्ता।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
नामांकन से पदभार तक का सफर
भाजपा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत नितिन नबीन का चुनाव सर्वसम्मति से हुआ:
- संख्या बल: देश के 30 राज्यों में संगठनात्मक चुनाव संपन्न होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव का मार्ग प्रशस्त हुआ।
- प्रस्तावक: उनके नाम का प्रस्ताव स्वयं पीएम मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे दिग्गजों ने रखा।
- समर्थन: उनके पक्ष में कुल 37 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे, जो पार्टी के भीतर उनकी स्वीकार्यता को दर्शाता है।
कौन हैं नितिन नबीन? (राजनीतिक प्रोफाइल)
44 वर्षीय नितिन नबीन का सफर जमीन से शिखर तक का रहा है। उन्होंने बहुत कम उम्र में राजनीति में कदम रखा और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
| विवरण | उपलब्धि |
|---|---|
| विधायक | बांकीपुर (बिहार) से लगातार 5 बार जीत (2006 से 2025 तक) |
| मंत्री पद | बिहार सरकार में सड़क निर्माण, आवास और कानून जैसे अहम मंत्रालय संभाले |
| संगठनात्मक प्रभार | छत्तीसगढ़ और सिक्किम जैसे राज्यों में भाजपा को मजबूत करने में मुख्य भूमिका |
| विशेषता | तकनीक प्रेमी और युवाओं के बीच लोकप्रिय ‘मिलेनियल’ चेहरा |
भविष्य की चुनौतियाँ और ‘विकसित भारत’ का संकल्प
नितिन नबीन के कंधों पर अब 2029 के आम चुनाव की तैयारी और प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि नेतृत्व बदलता है लेकिन पार्टी के आदर्श और दिशा वही रहती है।
नितिन नबीन का अध्यक्ष बनना न केवल बिहार के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह संदेश भी है कि भाजपा में एक सामान्य कार्यकर्ता अपनी मेहनत और निष्ठा के बल पर सर्वोच्च पद तक पहुँच सकता है।
