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नगर निकाय व्यवस्था: “जागरूक नागरिक ही मजबूत शहर की नींव”, अंकित सिन्हा ने वार्ड पार्षद और मेयर के अधिकारों पर रखी बेबाक राय

जमशेदपुर | 16 फरवरी 2026 शहर में स्थानीय निकाय चुनावों और नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सरगर्मी तेज है। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता अंकित सिन्हा ने वार्ड पार्षदों और मेयर के अधिकारों व कर्तव्यों पर प्रकाश डालते हुए जनता के बीच जागरूकता की कमी पर चिंता व्यक्त की है।

अधिकारों का गणित: कौन क्या करता है?

​अंकित सिन्हा ने स्पष्ट किया कि अक्सर आम जनता अपनी समस्याओं को लेकर भ्रमित रहती है कि किसे जिम्मेदार ठहराया जाए। उन्होंने कार्यप्रणाली को दो मुख्य स्तरों पर समझाया:

“भ्रम से विकास में आती है बाधा”

​प्रेस को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा, “जब तक जनता को यह नहीं पता होगा कि उनके प्रतिनिधि के अधिकार क्या हैं, तब तक जवाबदेही तय करना मुश्किल है। बिना जानकारी के विकास कार्यों को लेकर हमेशा भ्रम बना रहेगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि एक जागरूक नागरिक ही प्रशासन को पारदर्शी बना सकता है।

“जागरूक नागरिक ही मजबूत नगर की नींव होते हैं। अधिकारों की स्पष्ट जानकारी ही पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देगी।” — अंकित सिन्हा

जल्द शुरू होगा जागरूकता अभियान

​अंकित सिन्हा ने संकेत दिया है कि वे जल्द ही जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को नगर प्रशासन की जटिल संरचना को सरल भाषा में समझाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सचेत करना है।

​स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि वार्ड स्तर पर अटके हुए कार्यों में भी तेजी आएगी।

तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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