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मनोहरपुर: महीने में सिर्फ 2-3 दिन खुलता है बिटकलसोय स्कूल! ‘अफसरों के संरक्षण’ की धौंस देने वाले हेडमास्टर को बर्खास्त करने की मांग

तीसरी धारा न्यूज (मनोहरपुर/चाईबासा): झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बड़े-बड़े दावों के बीच पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले के मनोहरपुर प्रखंड से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां के बिटकलसोय उत्क्रमित मध्य विद्यालय के महीने में महज दो से तीन दिन ही खुलने के कारण गरीब आदिवासी और स्थानीय बच्चे शिक्षा के मौलिक अधिकार से पूरी तरह वंचित हो रहे हैं। मामला प्रकाश में आते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।

​इस गंभीर स्थिति की जानकारी मिलते ही मानवाधिकार सहायता संघ के प्रदेश अध्यक्ष कपिल देव राज हेसा ने खुद स्कूल का स्थलीय निरीक्षण किया और वस्तुस्थिति से अवगत हुए। ग्रामीणों और बच्चों की दुर्दशा देखने के बाद उन्होंने जिला उपायुक्त (डीसी) चाईबासा और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से आरोपी प्रधानाध्यापक अमित कुमार महतो को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की लिखित मांग की है।

​”मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता…” – हेडमास्टर की खुली धौंस

​निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने मानवाधिकार टीम को बताया कि प्रधानाध्यापक अमित कुमार महतो अपनी मर्जी से स्कूल बंद रखते हैं और घर बैठे-बैठे हर महीने सरकारी वेतन उठा रहे हैं। जब ग्रामीण इसका विरोध करते हैं, तो हेडमास्टर उन्हें खुलेआम धमकी देते हैं।

​ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानाध्यापक का कहना है:

“मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मुझे ऊपर के बड़े अधिकारियों का पूरा संरक्षण प्राप्त है। मैं जब चाहूंगा विद्यालय खोलूंगा, जब चाहूंगा बंद रखूंगा।”

 

​बच्चों के भविष्य के साथ खुलेआम धोखाधड़ी

​ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक अमित कुमार महतो के इस मनमानी और अड़ियल रवैए के कारण उनके बच्चे अनपढ़ रहने को मजबूर हैं। हेडमास्टर खुलेआम सरकारी तंत्र और बच्चों के भविष्य के साथ धोखाधड़ी कर क्षेत्र के विकास में सबसे बड़े बाधक बन गए हैं।

​मानवाधिकार सहायता संघ के प्रदेश अध्यक्ष कपिल देव राज हेसा ने इस विषय को बेहद संजीदगी से लिया है। उन्होंने उच्च अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि इस दबंग और भ्रष्ट प्रधानाध्यापक को तुरंत पद से हटाया जाए और किसी योग्य व जिम्मेदार शिक्षक को स्कूल का प्रभार सौंपा जाए, ताकि बच्चों को उनका ‘शिक्षा का अधिकार’ वापस मिल सके।

​अब देखना यह है कि इस खुली मनमानी की खबर सामने आने के बाद चाईबासा जिला प्रशासन इस भ्रष्ट व्यवस्था पर क्या एक्शन लेता है।

– तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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