Site icon

ईरान-इजराइल युद्ध के बीच भारत में LPG संकट? पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने संसद में दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थितियों ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई को प्रभावित किया है। भारत में गहराते एलपीजी (LPG) संकट की खबरों के बीच विपक्षी दलों ने लोकसभा में सरकार को घेरा। इसके जवाब में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है और सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

“घबराने की जरूरत नहीं, देश में पर्याप्त स्टॉक”

​लोकसभा में विपक्ष के हंगामे और ‘एपस्टीन’ के नारों के बीच हरदीप पुरी ने कहा कि देश के 33 करोड़ परिवारों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा:

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का संकट

​ईरान और इजराइल के बीच जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट (समुद्री रास्ता) से होने वाली आवाजाही 20% तक प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का 60% LPG विदेशों (UAE, कतर, सऊदी अरब, कुवैत) से आयात करता है, जो इसी रास्ते से आता है। युद्ध के कारण यहाँ जहाजों की संख्या 153 से घटकर महज 13 रह गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है।

बुकिंग के बदले नियम: कालाबाजारी पर रोक

​सरकार ने पैनिक बुकिंग और कालाबाजारी को रोकने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1995’ लागू कर दिया है। बुकिंग के नए नियम इस प्रकार हैं:

आंकड़ों में भारत की ऊर्जा स्थिति

विवरणआंकड़े
सालाना खपत33 मिलियन मीट्रिक टन (लगभग 235 करोड़ सिलेंडर)
दैनिक खपतकरीब 64 लाख सिलेंडर
LPG उत्पादन में वृद्धि28% (घरेलू स्तर पर)
बफर स्टॉक (रिपोर्ट्स के अनुसार)लगभग 10 दिन

विपक्ष का हंगामा और कार्यवाही स्थगित

​मंत्री के बयान के दौरान विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की। विपक्षी सदस्यों के व्यवहार और हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। सरकार का दावा है कि तीन मंत्रियों की विशेष कमेटी हालात पर चौबीसों घंटे नजर रख रही है और वैकल्पिक ईंधन चैनलों को एक्टिवेट कर दिया गया है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

Exit mobile version