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ऋण पोर्टल भी बनेगा

योजना के लिए एक विशेष ‘मंईयां ऋण पोर्टल’ विकसित किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से ऋण वितरण, भुगतान स्थिति और ऋण अपग्रेड की पूरी जानकारी डिजिटल रूप से ट्रैक की जा सकेगी। इसमें प्रशासनिक भूमिका को न्यूनतम रखते हुए बैंकों को ही पात्रता सत्यापन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके अलावा, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी लाभार्थियों को व्यवसाय चयन और प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी। महिलाएं मनिहारी दुकान, सिलाई केंद्र, मशरूम उत्पादन, मसाला प्रसंस्करण और पशुपालन जैसे कार्य शुरू कर सकेंगी।

विशेषताविवरण
पात्रतामंईयां योजना की 45 वर्ष तक की लाभुक महिलाएं
लोन राशि₹20,000 (एकमुश्त)
वापसी अवधि5 वर्ष की आसान किस्तें
दस्तावेजआधार कार्ड और 6 माह का बैंक स्टेटमेंट
प्रोसेसिंग समयआवेदन के मात्र 7 दिनों के भीतर स्वीकृति

आवेदन प्रक्रिया होगी बेहद सरल

​सरकार ने महिलाओं की सहूलियत के लिए आवेदन प्रक्रिया को ‘न्यूनतम कागजी कार्रवाई’ पर आधारित रखा है:

डिजिटल ट्रैकिंग के लिए बनेगा ‘मंईयां ऋण पोर्टल’

​पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार एक विशेष डिजिटल पोर्टल विकसित करेगी। इसके जरिए लोन के वितरण और भुगतान की रियल-टाइम ट्रैकिंग की जा सकेगी। साथ ही, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) महिलाओं को सिलाई केंद्र, मशरूम उत्पादन, मसाला प्रसंस्करण और पशुपालन जैसे कार्यों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान करेगी।

​”हमारा लक्ष्य है कि ‘मंईयां’ केवल सहायता पर निर्भर न रहें, बल्कि खुद का रोजगार खड़ा कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।” — राधाकृष्ण किशोर, वित्त मंत्री

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