जमशेदपुर: पश्चिमी सिंहभूम के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा एक सार्वजनिक भाषण के दौरान एक गैर-राजनीतिक महिला पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में कविता परमार के नेतृत्व में महिलाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त को पत्र सौंपकर कड़ी आपत्ति जताई और उचित कार्रवाई की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
सौंपे गए पत्र के अनुसार, पूर्व मंत्री ने अपने भाषण में एक ऐसी महिला का नाम घसीटा है जिसका राजनीति, किसी सार्वजनिक संस्था या चुनावी प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं है। कविता परमार ने कहा कि एक असार्वजनिक महिला का नाम सार्वजनिक मंच से लेना न केवल अनुचित है, बल्कि यह महिला की गरिमा और निजता का सीधा उल्लंघन है। इस बयान को लेकर स्थानीय जनता और विशेषकर महिलाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
आदर्श चुनाव आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन
प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन का ध्यान निर्वाचन आयोग के महत्वपूर्ण नियमों की ओर आकृष्ट कराया, जिनमें प्रमुख हैं:
- MCC-Part I: राजनीतिक विरोध के दौरान किसी के व्यक्तिगत जीवन या चरित्र पर टिप्पणी करना प्रतिबंधित है।
- ECI गाइडलाइंस: अपमानजनक और मानहानिकर बयान जो महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाते हों, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।
- चुनाव आयोग की एडवाइजरी: चुनावी प्रचार में ऐसी भाषा के उपयोग की मनाही है जिससे किसी महिला की प्रतिष्ठा और सम्मान प्रभावित हो।
समाज में गलत संदेश जाने का डर
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से अन्य प्रत्याशियों को भी व्यक्तिगत छींटाकशी का प्रोत्साहन मिलता है, जिससे चुनावी वातावरण दूषित होता है। कविता परमार ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन कड़े कदम उठाए।
उपस्थिति:
इस अवसर पर मुख्य रूप से कविता परमार, मंजू सिंह एवं अन्य गणमान्य महिला सदस्य उपस्थित थीं।
