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न्याय सदन में विधिक प्रशिक्षण: कैदियों को त्वरित कानूनी सहायता देना प्राथमिकता, पीएलवी बनें गरीबों की आवाज़

जमशेदपुर: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के तत्वावधान में मंगलवार को व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित न्याय सदन के सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र मुख्य रूप से लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) के सदस्यों और अधिकार मित्रों (PLV) के लिए आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य कानूनी सहायता की प्रक्रिया को अधिक सुलभ और तीव्र बनाना है।

कैदियों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं

​मुख्य प्रशिक्षक और चीफ एलएडीसी विदेश सिन्हा ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि जेल में बंद किसी भी कैदी द्वारा कानूनी सहायता के लिए दिए गए आवेदन पर त्वरित संज्ञान लेना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि:

पीएलवी (PLV): समाज और न्याय के बीच का सेतु

​डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने अधिकार मित्रों (पैरा लीगल वॉलंटियर्स) की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी भूमिका केवल जागरूकता फैलाने तक सीमित नहीं है।

प्रमुख उपस्थिति

​इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एलएडीसी और पीएलवी की टीम ने सक्रिय भागीदारी की, जिनमें मुख्य रूप से पवन तिवारी, अभिनव कुमार, मनोज कुमार, अंकित प्रताप, योगिता कुमारी, संजीत दास, प्रभात सरदार और रमैया एस सहित अन्य उपस्थित रहे।

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